पांच तख्तों के जत्थेदारों के त्याग पत्र की मांग को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के बाहर धरना देने के लिए जा रहे दमदमी टकसाल व विभिन्न पंथक संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने रोक लिया।
इस पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। साथ अलगाववादी नारे लगाए। पंथक संगठनों ने इसे लोकतंत्र का गला घोटने वाली कार्रवाई बताया है।
पूर्व घोषणा के अनुसार दमदमी टक्साल, अकाली दल अमृतसर, अकाली दल यूनाईटेड, सिख यूथ फेडरेशन भिंडरवाला आदि के कार्यकर्ता गुरुद्वारा शहीदां से हरिमंदिर साहिब मार्च कर रहे थे।
रास्ते में जीटी रोड पर ही पंथक संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोककर श्री अकाल तख्त साहिब के बाहर दिया जाने वाला धरना असफल कर दिया।
मीडिया के साथ बातचीत करते हुए दमदमी टक्साल के मुखी राम सिंह ने कहा कि वह शांतिमय ढंग से मार्च निकाल कर हरिमंदिर साहिब पहुंचना चाहते थे। वहां पर उनका पाठ करने का प्रोग्राम था।
पुलिस ने उनको रोक कर व उनका धार्मिक कार्यक्रम रोक कर सिखों की धार्मिक आजादी पर हमला किया है। अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिहं मान ने कहा कि बादल पुलिस की सहायता से लोगों के अंदर पैदा हुए रोष को नहीं रोक पाएंगे।
अकाली दल यूनाईटेड के नेता भाई मोहकम सिंह और गुरदीप सिंह ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। इस दौरान जीटी रोड पर सरबत खालसा के कार्यालय का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हरबीर सिंह संधू, जरनैल सिंह सखीरा, रघुबीर सिंह राजासांसी, डा गुरजिंदर सिंह , अमरीक सिंह बेअत सिंह , बीबी प्रीतम कौर, सतनाम सिंह काहलों मौजूद थे।