4 दिसंबर 2022 को गुरपिंदर सिंह ने अपने चाचा नरेंद्र सिंह पर घर में ही दातर-चाकू से हमला कर दिया था। उसने नरेंद्र सिंह के पेट और सिर पर गंभीर वार किए। चीखें सुनकर नरेंद्र सिंह की पत्नी जसवीर कौर और पड़ोसी गुरमेज सिंह चीमा ने उन्हें बचाया। बाद में उनकी माैत हो गई थी।
अमृतसर जिला सेशन जज जतिंदर सिंह की अदालत ने चाचा नरेंद्र सिंह की हत्या के दोषी गुरपिंदर सिंह उर्फ गोपी को उम्र कैद सुनाई।
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गुरपिंदर सिंह गांव गागरभाणा का निवासी है। यह मामला 4 दिसंबर 2022 को थाना ब्यास में दर्ज हुआ। उसी दिन सुबह करीब 7:30 बजे दोषी नरेंद्र सिंह के घर आया और दरवाजा खोलते ही उन पर दातर-चाकू से हमला कर दिया।
उसने नरेंद्र सिंह के पेट और सिर पर गंभीर वार किए। चीखें सुनकर नरेंद्र सिंह की पत्नी जसवीर कौर और पड़ोसी गुरमेज सिंह चीमा ने उन्हें बचाया। घायल नरेंद्र सिंह को क्लेर अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। जांच में सामने आया कि दोषी नशे का आदी था और चाचा की संपत्ति हड़पना चाहता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किया।