मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व प्रधान प्रताप सिंह बाजवा राज्य के जनहितों की रक्षा के लिए बड़े दावे करने से पहले सिखों के हितों के बारे में कांग्रेस पार्टी की पृष्ठभूमि को देखें।
सद्भावना रैली के अवसर पर सीएम ने कहा कि 1984 कत्लेआम के लिए कांग्रेस और इसके नेता माफी के काबिल नहीं हो सकते। हम इन घटनाओं को कैसे भूल सकते हैं जो हमारी मानसिकता पर गहरी छाप छोड़ चुकी हैं।
बादल ने कहा कि पांचवीं सद्भावना रैली में बहुत बड़ी संख्या में शामिल होकर माझे के लोगों ने सही मायनों में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठजोड़ के प्रति वफादारी का सबूत दिया है। यह उनके छह दशकों के राजनीतिक जीवन के दौरान अब तक की सबसे बड़ी रैली है।
फूट डालो ताकतों की चुनौती का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इन राजनीतिक चालों से पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। हमें पहले ही हमारे पवित्र गुरुधाम गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब का पंजा साहिब से अलग कर दिया गया है।
यदि पंजाब और पंथ विरोधी शक्तियां दोबारा उस एजेंडे को लेकर आगे बढ़ी तो इससे हम अपने पवित्र तख्त श्री पटना साहिब, पटना (बिहार) और तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) से बिछड़ जाएंगे।
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि यह शिरोमणि अकाली दल के लिए ऐतिहासिक दिन है, जब वह अपनी 95वीं वर्षगांठ पर सबसे बड़ी रैली का आयोजन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अमृतसर के विकास पर 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी डेरों/ढाणियों में आने वाले महीनों में 400 करोड़ रुपये से बिजली कनेक्शन व पक्की सड़कों का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन को 250 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
50 हजार रुपये तक के मुफ्त इलाज के साथ भगत पूरण सिंह सेहत बीमा योजना जनवरी 2016 से लागू की जा रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सबसे बड़ा धोखेबाज बताते हुए बादल ने कहा कि वे सादगी के नारे के साथ दिल्ली में सत्ता में आए थे लेकिन अब अपने विधायकों के मासिक वेतन में ढाई लाख रुपये की वृद्धि से सरकारी खजाने की लूट शुरू कर दी है। यह वेतन प्रधानमंत्री की तुलना में भी अधिक है।
इस अवसर पर सांसद जत्थेदार रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों और गुलजार सिंह रणीके, मुख्य संसदीय सचिव हरमीत सिंह संधू और अमरपाल सिंह अजनाला, विधायक बीबी जगीर कौर, पेडा के चेयरमैन भाई मंजीत सिंह, पूर्व मंत्री जत्थेदार हीरा सिंह गाबड़िया, पूर्व विधायक मनमोहन सिंह सठियाला, अध्यक्ष प्रवासी भलाई बोर्ड आरसी यादव, विधायक बलजीत सिंह जलाल उसमा, मुख्यमंत्री के सलाहकार महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, राष्ट्रीय मामलों एवं मीडिया सलाहकार मुख्यमंत्री हरचरण बैंस, उपमुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार जगवीर सिंह, यूथ अकाली दल के माझा जोन के प्रमुख रवि किरण सिंह काहलों, पूर्व सांसद राज मोहिंदर सिंह मजीठिया, पूर्व विधायक वीर सिंह लोपोके, अध्यक्ष जिला योजना समिति तरनतारन रविन्द्र सिंह ब्रहमपुरा और एसजीपीसी सदस्य अरविन्द्र पाल सिंह पखोके उपस्थित थे।