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सीएम ने जाना घायलों का हाल-चाल

Mon, 27 Jul 2015 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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दीनानगर में आतंकी हमले में घायल हुए लोगों को अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की पहचान सतीश कुमार, रमन कुमार, रजिंदर कुमार (होमगार्ड सिपाही), लहोता, रामलाल (नाइट मुंशी) के तौर पर हुई है। वहीं बलजीत सिंह (एएसआई) को फोर्टिस अस्पताल में दाखिल कराया गया है। उनके पेट का आपरेशन किया जा रहा है।
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दीनानगर थाने में फायरिंग से पहले आतंकियों ने एक बस को निशाना बनाया जिसमें दो छात्रों के बाजू और टांग पर गोली लगी। घायलों की पहचान रमण और सतीश के रुप में हुई है।

छात्रों ने बताया कि वे बस से एसएन कॉलेज जा रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उनकी बस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बाद में दीना नगर सिविल अस्पताल की एबुलेंस से उन्हें अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल ले जाया गया।
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सीपीएस डॉ. नवजोत कौर सिद्धू घायलों का हाल-जानने के लिए करीब 12 बजे गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचे। घायलों का हाल जानने के बाद मीडिया से बातचीत में बादल ने कहा कि आतंकियों का पंजाब पुलिस ने डटकर मुकाबला किया।

जवानों ने एक आतंकवादी को सुबह ही मार गिराया था। आतंकियों का मकसद पंजाब में अमन-शांति को भंग करना था लेकिन स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों, एनएसजी कमांडो और पंजाब पुलिस के जवानों की हर तरह की मदद की।

उन्होंने कहा कि इस हमले में जिन पुलिसकर्मियों ने शहादत हासिल की है, उनके परिवारों को वित्तीय मदद दी जाएगी और गंभीर घायलों का इलाज सरकार की तरफ से निशुल्क किया जाएगा। स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने भी घायलों का हालचाल जाना।

डॉ. सिद्धू ने कहा कि आतंकवादियों ने बेकसूर लोगों पर हमला करके कायरता दिखाई है। पंजाब के लोगों ने 22 साल पहले आतंकवाद के दौर में कष्ट सहे थे, आज फिर आतंकवादियों ने हमला करके लोगों को डराने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उनका डटकर मुकाबला किया। जो लोग इस वारदात में घायल हुए हैं भगवान उन्हें जल्द ठीक करे और तंदरुस्ती बख्शे।
दूध देने जा रहा था, भाग कर जान बचाई
दीनानगर निवासी लहौता पेशे से हलवाई है। उन्होंने बताया कि वह लोगों के घरों में दूध देने जा रहा था। तभी आतंकियों ने दीनानगर पुलिस स्टेशन के पास अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी है। वहां से उसने भागने की कोशिश की तो उसे भी टांग पर गोली लग गई।

हरिद्र सिंह ने दिखाई बहादुरी
दीनानगर सिविल अस्पताल में एंबुलेंस के चालक हरिंद्र सिंह ने फायरिंग की परवाह न करते हुए घायलों को अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती करवाया। उन्होंने बताया कि आतंकियों का मकसद है कि किसी भी तरह रात हो जाए ताकि वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए आतंकी
जानकारी के अनुसार तीन आतंकवादी सुबह कार से कत्थूनंगल टोल प्लाजा के पास से गुजरे थे। इन्होंने सेना की वर्दी पहन रखी थी। कार की फुटेज कत्थूनंगल पर बने टोल प्लाजा के सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया है।
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