संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। महानगर के पेपर आर्टिस्ट गुरप्रीत सिंह की ओर से तैयार किया गया जून 1984 के घटनाक्रम से पहले और जून 1984 के घटनाक्रम के दौरान सैन्य कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुए श्री अकाल तख्त साहिब के माॅडलों को ऑस्ट्रेलिया के एक अजायब घर में प्रदर्शित किया जाएगा। इस के लिए ऑस्ट्रेलिया सरकार और कुछ सिख संगठनों के उस तक पहुंच की है। गुरप्रीत सिंह इस वक्त ऑस्ट्रेलिया में ही है।
गुरप्रीत ने बताया कि जून 1984 की घटना से पहले का और जून 1984 की सैन्य कार्रवाई के बाद की अकाल तख्त साहिब की क्षतिग्रस्त इमारत का माॅडल तैयार किया जा रहा है। इन दोनों मॉडलों को ठोस लकड़ी का उपयोग करके ऑस्ट्रेलिया के एक संग्रहालय में प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह माडल फाइबर और विभिन्न अन्य फोल्डर रासायनिक सामग्री का उपयोग किया गया है। इस मॉडल को बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि पिछले 40 वर्षों से सिख पंथ को न्याय नहीं मिला है। सिख समुदाय के साथ क्या हुआ, हमारे श्री अकाल तख्त साहिब की इमारत को कैसे तोड़ा गया। पूरी इमारत में कई शहीद सिंह, सिंहनियां, बच्चे, माताएं और बुजुर्ग गोलियों, बंदूकों और टैंकों से मारे गए इस सारे इतिहास को आनी वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की एक कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह माॅडल आने वाली पीढ़ियों को जून 1984 के घटनाक्रम की याद दिलाएगा। युवा अपने इतिहास के संबंध में जागरूक हो सकेंगे। यह दोनों माॅडल दुनिया भर में स्थित हर सिख धार्मिक स्थान में स्थापित होने चाहिए।
गुरुप्रीत ने कहा कि उसकी ओर से अलग अलग समय पर अलग अलग माडल अलग अलग घटनाओं को लेकर तैयार किए जा चुके है। जो अलग अलग देशों व भारत में भी प्रदर्शित हो चुके है। उसकी कला को देख कर ही उसे यह माडल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस के लिए उनको ऑस्ट्रेलिया में सम्मानित भी किया गया है।