श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने विवादित प्रचारक व रंजीत सिंह ढढरियांवाले के साथी हरिंदर सिंह (जत्था निरवैर खालसा यूके) को 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण श्री अकाल तख्त भेजने के आदेश दिए हैं। हरिंदर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी के बारे में आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग किया था।
इंग्लैंड की सिख संगत ने हरिंदर सिंह के विरुद्ध श्री अकाल तख्त में कई शिकायतें भेजी थी। इसमें वह वीडियो भी था, जिसमें हरिंदर सिंह इंग्लैंड में एक धार्मिक समागम के दौरान संगत को श्री गुरु नानक देव जी के बारे में आपत्तिजनक शब्दों में जानकारी दे रहे हैं। दमदमी टकसाल के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ने बताया कि सिख काउंसिल यूके के सचिव जतिंदर सिंह ने जत्थेदार के इस फैसले का स्वागत किया है।
इंग्लैंड की संगत की तरफ से रंजीत सिंह ढढरियांवाले और हरिंदर सिंह द्वारा गुरमति के विरुद्ध किए जा रहे प्रचार पर नकेल कसने के लिए गुरुद्वारा श्री गुरु हरि राय साहिब बर्मिंघम में एक पंथक बैठक बुलाई गई थी। बैठक में गहन चर्चा के बाद संगत ने हरिंदर सिंह द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति-जोत समाने के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां व ढढरियांवाले द्वारा पंथ में फूट डालने के विरुद्ध कई प्रस्ताव पारित कर जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को भेजे थे।
इंग्लैंड की संगत ने दोनों विवादित प्रचारकों के धार्मिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगाई हुई है। हरिंदर सिंह के बाद अब ढढरियांवाले के विरुद्ध भी जल्दी कार्रवाई के संकेत हैं। ढढरियांवाले के विरुद्ध जांच कर रही पांच सदस्यीय कमेटी जल्दी ही अपनी रिपोर्ट जत्थेदार को सौंप देगी। ढढरियांवाले इस कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुए थे।