अमृतसर में तैयार होने वाले इन पंप की प्रमोशन न होने के कारण चीन से बने हुए प्रोडक्ट बाजार में ज्यादा बिक रहे हैं। ऐसे में अगर भारतीय पंप को प्रोत्साहित किया जाए, तो न केवल भारत का उद्योग बढ़ेगा, बल्कि रोजगार में भी इजाफा होगा।
साइकिल में हवा भरने वाले पंप की मांग पूरे देश ही नहीं बल्कि दुनिया में तेजी से बढ़ रही है। देश में जिस स्तर पर हवा भरने वाले पंप की मांग है, उसे केवल अमृतसर के कारोबारी ही पूरा कर सकते है।
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अमृतसर में हवा भरने वाले साइकिल पंप का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है। अमृतसर में बनने वाले इन पंप की क्वालिटी चीन से कहीं बेहतर है।
पिछले लंबे समय से अमृतसर साइकिल पंप मैन्युफेक्चरर की ओर से भी इस संबंधी सरकार से मांग की जा रही है कि चीन से आने वाले पंप और साइकिल पार्ट्स पर रोक लगाई जाए। इसके बदले अमृतसर में तैयार होने वाले पंप और लुधियाना में तैयार होने वाले साइकिल पार्ट्स को प्रफुल्लित करने की तरफ ध्यान दिया जाए।
अमृतसर में कुल 14 यूनिट, पांच लाख पंप हो रहे तैयार
अमृतसर में जिले में बड़े स्तर पर हवा भरने वाले पंप की मैन्युफेक्चरिंग हो रही है। मौजूदा समय में जिले में कुल 14 यूनिट चल रहे हैं। इनमें एक महीने में पांच लाख से ज्यादा हवा भरने वाले पंप तैयार किए जाते हैं, जो देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई होते हैं।
फ्रीडम पंप के मालिक प्रतीक सिंह ने बताया कि अमृतसर में तैयार होने वाले पांच लाख पंप देश के हर एक हिस्से में सप्लाई हो रहे हैं। इनमें कोलकाता, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, चेन्नई आदि भी शामिल हैं। इसके अलावा करीब चार से पांच लाख पंप चीन से आयात हो रहा है, जबकि अमृतसर के 14 यूनिट 10 लाख से ज्यादा पंप हर महीने बनाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन मांग कम होने के कारण फिलहाल पांच लाख पंप ही बनाए जा रहे हैं।
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इतना ही नहीं लुधियाना की साइकिल पार्ट्स बनाने वाले यूनिट भी पूरे देश की मांग को पूरा करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन जरूरत है कि सरकार इस तरफ व ध्यान दे और मेड इन इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए कारोबारियों को प्रोत्साहित करे।