अमृतसर। सर्विस के दौरान अभिभावकों की हुई मौत के कंपनसेशन के तहत नौकरी मांगने वाले 11 युवक बुधवार को पंजाब स्टेट पावरकॉम कारपोरेशन के खिलाफ आंदोलन करते हुए पिंक प्लाजा में पानी की टंकी पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारी युवाओं ने पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें स्वीकार न की गई तो आंदोलन को और धार दी जाएगी। फिर भी सरकार टस से मस न हुई तो 11 युवक टंकी से कूद कर जान दे देंगे। बुधवार शाम को समाचार लिखे जाने तक युवक पानी की टंकी पर चढ़े हुए थे।
प्रदर्शनकारी युवक बार-बार पंजाब सरकार और पावरकॉम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। देर शाम तक आंदोलनकारी युवाओं के साथ बातचीत करने के लिए भी पावर कारपोरेशन या फिर जिला प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। जबकि पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी उनकी सुरक्षा के लिए पानी की टंकी के नीचे बैठे हुए थे।
आंदोलनकारी युवा सुबह करीब साढ़े आठ बजे पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पानी की टंकी पर चढ़ गए। जिनमें दो युवक वह भी थे जो पिछले वर्ष भी बस स्टैंड के पास राम बाग की पानी की टंकी के चढ़ गए थे और नौकरी की मांग कर रहे थे। उस समय पावरकाम और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मौके की नजाकत को देखते हुए युवाओं को नौकरी देने का वायदा करके देर रात नीचे उतार दिया था। लेकिन अब युवाओं का कहना है कि वे तभी टंकी से नीचे उतरेंगे जब उनको नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
टंकी पर चढ़े आंदोलनकारी युवाओं सुखचैन सिंह निवासी अजनाला, हरजीत सागर, मिथलेश कुमार, गुरजीत सिंह, अमनदीन सिंह, संदीप सिंह, मनिंदर सिंह, फतेह सिंह, दविंदर सिंह, सुखपाल सिंह और रणदीप सिंह ने बताया कि उनके अभिभावक पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन में नौकरी करते थे। नौकरी के दौरान ही उनके अभिभावकों की मौत हो गई। नियमों के अनुसार अभिभावक की मौत के बाद बच्चों को कंपनसेट्री ग्राउंड पर नौकरी देना विभाग की जिम्मेदारी है। लेकिन विभाग ने इस जिम्मेदारी को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी युवा 5 नवंबर 2012 को भी टंकी पर चढ़े थे। तब भी पावरकाम बार्डर जोन के डिप्टी चीफ इंजीनियर एसके चावला और विभिन्न पुलिस अधिकारियों ने लिखित रूप में उन्हें आश्वासन दिया था कि एक माह के भीतर उनको नौकरी दे दी जाएगी लेकिन आज तक लिखित वायदा पूरा नहीं किया गया।