अनुज भंडारी ने कहा कि वे लगातार डिप्टी कमिश्नर अमृतसर, एसएसपी देहात, जोधपुर (राजस्थान) के आईजी पुलिस और वहां के सांसद के साथ लगातार संपर्क में हैं। पिछले दो माह से अटारी के पास गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधकों ने इन लोगों के लिए लंगर व चाय-पानी का प्रबंध किया। उन्होंने बताया कि कल 93 पाकिस्तानी हिंदू अपने वतन लौट गए हैं और यहां रह गए पाकिस्तानी हिंदू परिवार को भी जल्द वापस भेजा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी संपर्क करेंगे।
पाक रेंजर्स ने 'बार्डर' को किया लेने से इनकार
भाजपा स्टेट कार्यकारिणी के सदस्य अनुज भंडारी ने बताया कि अटारी सरहद पर फंसे बार्डर सहित 100 लोगों का इमीग्रेशन हो गया। यह सभी पाकिस्तानी हिंदू अटारी सीमा पार कर वाघा भी पहुंचे, क्योंकि भारत में जन्मे 'बार्डर' का जन्म प्रमाणपत्र नहीं था तो पाक रेंजर्स ने बच्चे को पाकिस्तान ले जाने की इजाजत नहीं दी। जिसके चलते यह दंपती अपने नवजात और चार अन्य बच्चों के साथ भारत लौट आया।
बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र मिला, भेजेंगे पाक दूतावास
अनुज भंडारी ने बताया कि बच्चे 'बार्डर' के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया था। प्रमाणपत्र मंगलवार शाम तक परिवार को मिल गया है। अब वे 'बार्डर' का जन्म प्रमाणपत्र व भारत में रह गए पाकिस्तानी हिंदू परिवार के दस्तावेज पाक दूतावास भेजेंगे, ताकि पाकिस्तान जाने के लिए दस्तावेज तैयार किए जा सकें। फिलहाल यह दंपती अटारी गांव के पास एक कमरे में रहेगा।