स्टेशन मास्टरों ने भूखे रहकर दी ड्यूटी
-बैच की जगह ‘वन डे हंगर स्ट्राइक’ की पट्टी लगा किया काम
-सातवें पे-कमीशन सहित अन्य मांगों को लेकर कैंट और सिटी स्टेशन पर की हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने देश भर में शनिवार को 24 घंटे की भूख हड़ताल रखी। पठानकोट सिटी और कैंट स्टेशन पर तीन शिफ्टों में काम करने वाले सभी 6 स्टेशन मास्टरों ने ड्यूटी तो दी पर भूखे रहकर। एसमा (ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन) ने 1 दिन पहले ही सभी स्टेशन मास्टरों को बता दिया था कि हड़ताल के दौरान भी ड्यूटी पूरी तरह सजग होकर करें, ताकि रोजाना ट्रेन के माध्यम से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को कोई दिक्कत पेश न आए।
जानकारी के मुताबिक, 24 घंटे के लिए रेलवे के सभी 68 डिवीजनों के 39500 स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर हैं। सभी ने अपने बैच की जगह ‘वन डे हंगर स्ट्राइक’ लिखी पट्टियां लगाकर ड्यूटी दी। पठानकोट कैंट स्टेशन के एसएस अश्विनी शर्मा ने बताया कि देश भर के स्टेशन मास्टर अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर आज भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि लंबे वक्त से स्टेशन मास्टर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। मांगों में सबसे अहम ग्रेच्यूटी फंड 4200 के करीब पहुंचने पर उन्हें तीसरी पदोन्नति दी जाए, स्टेशन मास्टरों के काम करने के घंटों को निर्धारित किया जाए, स्टेशन मास्टरों को सुरक्षा और तनाव भत्ते दिए जाएं, स्टेशन मास्टरों की 15 फीसदी पदों को ग्रुप बी में पदोन्नत किया जाए, एक्सीडेंट फ्री अवार्ड वाली स्कीम में स्टेशन मास्टरों को भी लाया जाए, व्यस्त स्टेशनों पर दो असिस्टेंट स्टेशन मास्टर तैनात किए जाएं, नाइड ड्यूटी भत्ते को रिवाइज किया जाए, स्टेशन मास्टरों के लिए विश्राम गृह बनाए जाने की मांग शामिल है।
फोटो:-2-पठानकोट कैंट स्टेशन पर भूख हड़ताल पर बैठे एसएस लोकेश कुमार।