अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका
गुरदासपुर। डेमोक्रेटिक फ्रंट पंजाब (डीटीएफ) की अगुवाई में शुक्रवार को अध्यापकों ने नेहरू पार्क में शिक्षा मंत्री का पुतला फूंककर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
डीटीएफ के सुरिंदर सिंह और अमरजीत शास्त्री ने शिक्षा विभाग की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अप्रैल व मई महीने के दौरान बिना किसी नीति के बड़ी संख्या में तबादले किए गए, वहीं गत महीने किए गए तबादलों में भी दिव्यांगों को प्राथमिकता नहीं दी गई है। नेताओं ने तबादलों में की गई धांधलियों की हाईकोर्ट के जज से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग।
फरीदकोट के प्रधान सुखविंदर सुखी को नोटिस भेजने का गंभीर नोटिस लेते हुए हरजिंदर सिंह वडाला बांगर और करनैल सिंह ने कहा कि विभाग अधीन 5178 मास्टर काडर अध्यापकों का रेगुलर करने के लिए नोटीफिकेशन जारी न करने और एसएसए, रसमा, शिक्षा प्रोवाईडर, ईजीएस, एआईईस, एसटीआर, आईईवी व आदर्श स्कूल अध्यापकों को शिक्षा विभाग में पूरे वेतन स्केल पर लाकर रैगूलर न करने और अध्यापकों को बीमार होने की सूरत में 15 दिन की जबरन मेडिकल छुट्टी लेने के लिए विवश करके अध्यापकों के साथ विद्यार्थियों की शिक्षा के हो रहे नुरसान को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे बै।
नेताओं ने चेतावनी दी कि शिक्षा मंत्री ने अड़ियल रवैया छोड़कर विद्यार्थियों और अध्यापकों की मांगों का समाधान न किया तो शीघ्र राज्य स्तरीय संघर्ष को तेज किया जाएगा। डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन ने दर्जा चार की पोस्ट भरने, नियमों के अनुसार उन्नतियां करने, पार्ट टाइम सफाई कर्मचारियों के वेतन रिलीज करने का मुद्दा उठाया। इस मौके पर जसबीर सिंह, गुरदियाल चंद, रजिंदर कुमार, सतनाम सिंह, सुखविंदर सिंह उपस्थित थे।