पाकिस्तान स्थित पवित्र स्थान श्री कटासराज व अन्य हिंदू धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए गुरुवार को हिंदू तीर्थ यात्रियों का जत्था रवाना हुआ। करीब 115 हिंदू तीर्थ यात्रियों ने श्री कटासराज जी के दर्शन के लिए वीजा का आवेदन किया था। पाकिस्तान सरकार की कथित गलत नीतियों के कारण सिर्फ 55 श्रद्धालु ही अटारी सीमा के माध्यम से पाकिस्तान रवाना हो सके। 15 से अधिक श्रद्धालु समय पर अटारी सीमा तक पहुंच ही नहीं सके, जबकि 40 श्रद्धालुओं का वीजा पहले ही रद्द हो गया था। जत्था 22 फरवरी को भारत लौटेगा।
देशभर के अलग-अलग राज्यों व शहरों से हिंदू श्रद्धालु बुधवार से ही श्री दुर्ग्याणा मंदिर पहुंचना शुरू हो गए थे। गुरुवार सुबह श्रद्धालुओं ने श्री दुर्ग्याणा मंदिर में भगवान श्री ठाकुर जी का आर्शीवाद लिया और दुर्ग्याणा प्रबंधक कमेटी की ओर से इस जत्थे को पाकिस्तान के लिए रवाना किया गया।
श्री दुर्ग्याणा मंदिर कमेटी की अध्यक्ष प्रो. लक्ष्मीकांता चावला और महासचिव अरुण खन्ना ने कहा कि यह खुशी की बात है कि भारत से हिंदू यात्रियों का जत्था श्री कटासराज के दर्शन के लिए रवाना हुआ है। पिछले वर्ष भी जत्था कोरोना के बाद काफी लंबे समय के बाद श्री कटासराज जी गया था।
भारत और पाकिस्तान सरकार को आपसी मेल मिलाप बढ़ाना चाहिए। पाक सरकार जैसे एसजीपीसी और सिख तीर्थ यात्रियों के लिए अधिक से अधिक वीजे देती है उसी तरह हिंदू तीर्थ यात्रियों के लिए भी वीजे जारी करने चाहिए।