पठानकोट में 24 घंटे से बारिश, निचले इलाकों में जलभराव
66 एमएम बारिश से पठानकोट के खड्ड उफान पर, 2 कारें बहीं, कई इलाकों का शहर से कटा संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। पिछले 24 घंटों की लगातार बारिश से जिला की खड्डें उफान पर हैं, खड्डों में तेज बहाव से कई संपर्क मार्गों में बाढ़ के हालात हैं, जिसके चलते कई गांवों और शहरी एरिया का संपर्क शहर से कट गया है। वहीं सरकारी कॉलेज के पास खड्ड से गुजरते रोड पर अचानक बढ़े जलस्तर से 2 कारें बह गईं, जिसमें सवार मिशन रोड निवासी व्यापारी सुरेश पाल उनके बेटे सौरभ और ड्राइवर रविंद्र बाल-बाल बचे। मंगलवार को सुबह से शुरू हुई बरसात बुधवार शाम तक होती रही, जिसके चलते शहर के सीवरेज मैनहोल ओवरफ्लो हो गए और गलियों सड़कों पर बरसात का पानी जमा हो गया। इसके अलावा निचले इलाकों में भी बरसात का पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया जिसे लोगों ने मशक्कत कर निकाला। शहर के लोगों का कहना है कि मॉनसून से पहले नगर निगम ने शहर के नालों की सफाई पर जो 9.9 लाख रुपये खर्चे वह बर्बाद हुए हैं।
पाषर्दों ने भी जताया रोष
नगर निगम ने शहर के नालों की सफाई का ठेका 9.9 लाख में दिया था और अधूरी सफाई पर कई पार्षदों ने सवाल खड़े किए हैं। 2 दिन लगी बारिश में ढाकी रोड का नाला सीवरेज के साथ ओवरफ्लो हो गया। इससे नेहरू नगर चौक के आसपास 30 दुकानों और घरों में पानी घुस गया। दुकानदारों ने कहा कि नाले की सफाई के नाम पर महज पॉलीथिन ही निकाले थे, सिल्ट नहीं निकाली, जिस कारण ये हालत पैदा हुए। 9.9 लाख में दो टेंडर हुए थे। हर टेंडर की वैल्यू 4.95 लाख थी। दुकानदारों ने कहा कि नाला आगे सीवरेज में मिलता है और बारिश में ओवरफ्लो हो जाता है। वार्ड 42 की पार्षद नीलम के पति विशाल ने कहा कि मेयर से कई बार कंप्लेंट की, लेकिन कुछ नहीं किया गया। वहीं वार्ड 44 के पार्षद भगवती ने कहा कि नाला और सीवरेज का पानी बैक मारने से दुकानों और घरों में घुसा है। सफाई के नाम पर नाले से पॉलीथिन निकाली है, सिल्ट नहीं। भाजपा के कार्यकाल में आंध्रा बैंक तक नाला बना भी, लेकिन सरकार बदलने पर पैसा वापस चला गया और एरिया पर ध्यान नहीं दिया। ठेकेदार ने सफाई भी निगम की ट्रालियों से की। अधूरा काम अफसरों की मिलीभगत से हुआ।
फोटो:-क्क1-जीएनडीयू कॉलेज के पास खड्ड के तेज बहाव में बही कार।
फोटो:-क्क2-वार्ड 11 के बीच से गुजरती खड्ड में अचानक पानी आ जाने से फंसी कार।