फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्री अकाल तख्त साहिब से मिली भाई जसंवत सिंह को शिरोमणि रागी की उपाधि

विज्ञापन
विज्ञापन
सभी केंद्र
विज्ञापन


बाबा बलबीर सिंह को शिरोमणि सेवा रत्न की मिली उपाधि
श्री अकाल तख्त साहिब से मिली भाई जसंवत सिंह को शिरोमणि रागी की उपाधि
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
श्री अकाल तख्त साहिब के तरफ से भाई जसवंत सिंह को शिरोमणि रागी व बाबा बलबीर सिंह को शिरो मणि सेवा रत्न की उपाधि दी गई। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह व एसजीपीसी के प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बंडूगर ने दोनों को सिख कौम का हीरा बताते हुए विशेष सम्मान दिया।
सिख कौम के सर्वोच्च स्थान श्री अकाल तख्त साहिब में मंगलवार को पंथक सेवाओं को निभाने के लिए भाई जसवंत सिंह पूर्व हजूरी रागी शिरोमणि रागी व बाबा बलबीर सिंह (मुखी शिरोमणि पंथ अकाली दल बुड्डा दल) को शिरोमणि सेवा रत्न की उपाधि दी गई। यह सम्मान देने का फैसला पांच सिंह साहिबान के तरफ से लिया गया था। जिसके तहत आज श्री अकाल तख्त साहिब पर विशेष आयोजन किया गया।
विज्ञापन

इस मौके पर गुरवाणी कीर्तन उपरांत श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणबीर सिंह ने अरदास की। इसके बाद परंपरा के तहत भाई जसवंत सिंह व बाबा बलबीर सिंह को सम्मान दिया गया। इस मौके पर श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह व श्री अकाल तख्त साहिब के ग्रंथी ज्ञानी भाग सिंह भी मौजूद थे।
विज्ञापन


सिख कौम के हीरे हैं दोनों : जत्थेदार, एसजीपीसी
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि जिन सिखों ने पंथ के लिए अपना विशेष योगदान दिया हो उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब से सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि दोनों सिख साहिबान ने सिख पंथ के लिए अपनी जिन्दगी बिता दी। जिन्हें यह सम्मान देना सिख कौम का फर्ज बनता था। उधर, एसजीपीसी के प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बंडूगर ने कहा कि सिख कौम हमेशा सिख कौम के लिए काम करने वालों को सम्मान देती है, यह सम्मान उसी का हिस्सा है। दोनों सिख कौम के हीरे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें