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लैंड स्लाइडिंग से तलाड़ा रेल पुल डैमेज, ट्रैक के नीचे से उखड़ी फाउंडेशन, 15 दिन और नैरोगेज सैक्शन पर नहीं चल पाएगी ट्रेनें

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लैंड स्लाइडिंग से तलाड़ा रेल पुल डैमेज
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15 दिन और नैरोगेज सेक्शन पर नहीं चल पाएगी ट्रेनें
एक महीने से बंद है पठानकोट-जोगिन्द्रनगर रेल सेक्शन
सात गुणा अधिक किराया खर्च कर हिमाचल जा रहे लोग
नवदीप शर्मा
पठानकोट। हिमाचल में लगातार हुई मूसलाधार बारिश से नैरोगेज ट्रैक और तलाड़ा पुल को भी नुकसान पहुंचा है। एक महीने से बंद पड़े नैरोगेज सेक्शन पर अगले 15 दिन और ट्रेन नहीं जा पाएंगी।
अधिकारियों का कहना है कि पुल की रिपेयरिंग और ट्रैक मेंटेनेंस का काम युद्धस्तर पर जारी है लेकिन दुर्गम रास्तों और अधिक नुकसान के कारण समय लग रहा है। 10 से 25 अगस्त तक हुई तेज बारिश से ज्वालामुखी रोड, कोपर लाहड़ और पालमपुर नैरोगेज स्टेशनों के पास छह जगह लैंड स्लाइडिंग हो गई थी। जिसके चलते 13 अगस्त को फिरोजपुर रेल डिवीजन ने सभी 14 (अप-डाउन) ट्रेनें बंद करने का आदेश जारी किया था। तब से हिमाचल जाने के लिए लोगों को सात गुणा अधिक किराया खर्च बस से जाना पड़ रहा था। इससे पहले 10 जुलाई को नैरोगेज कांगड़ा घाटी पर नाइट सर्विस बंद करने के लिहाज से छह ट्रेनों (अप-डाउन) को बंद किया गया था और 28 जुलाई को चार और ट्रेनें रद्द कर दी गई थी।
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पठानकोट का 70 फीसदी व्यापार हिमाचल पर आश्रित
हिमाचल में शक्ति पीठों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों से आते हैं। इसके अलावा हिमाचल के दुकानदार अपनी जरूरत का 70 फीसदी सामान पठानकोट से ही खरीदते हैं। ऐसे में नैरोगेज बंद होने का पठानकोट के स्पेयर पार्ट, होम डेकोर, फर्नीचर और कपड़े के कारोबारियों पर काफी असर पड़ा है। हिमाचल के रिमोट एरिया से सैकड़ों स्टूडेंट्स पठानकोट इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में आते हैं। उनके अलावा कर्मचारी वर्ग पर इसका व्यापक असर दिख रहा है। ट्रेन का किराया कम होने के कारण छात्र और व्यापारी बसों में कम ही सफर करते हैं। पठानकोट से कांगड़ा तक का रेल किराया 25 रुपये है जबकि बस में 175 रुपये किराया लगता है।
कई स्थानों पर नहीं पहुंच पा रही मशीनरी
रेल अधिकारियों का कहना है कि रेलवे लाइन काफी दुर्गम एरिया में है, हर बार लैंड स्लाइडिंग के कारण भौतिक रूप से काफी बदलाव आए हैं और पुराने पहुंच मार्ग बंद हो चुके हैं। अब कई स्थान ऐसे हैं जहां मिनी जेसीबी भी नहीं पहुंच पा रही। ऐसे में राहत कार्य के लिए मैन पॉवर ही एकमात्र विकल्प है। रेलवे के पास मैन पावर की भी कमी है, जिसके चलते काम धीमी गति से चल रहा है।
विधायक से मिलेंगे : व्यापार मंडल
व्यापार मंडल पठानकोट के चेयरमैन भारत महाजन ने कहा कि नैरोगेज सेक्शन एक महीने से बंद रहने के कारण पठानकोट का कारोबार काफी मंदा है। पठानकोट के व्यापारी हिमाचल के दुकानदारों पर निर्भर हैं। वे जल्द इसके बारे में विधायक से मिलेंगे और डीआरएम फिरोजपुर को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत करवाएंगे।
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--कोट--
लैंड स्लाइडिंग के चलते तलाड़ा पुल और ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचा है, पुल का एक हिस्सा डैमेज हो गया है जिसके चलते ट्रेनें बंद की गई हैं। राहत कार्य पूरा होते ही ट्रेनों को शुरू करवा दिया जाएगा।
- अजय गुप्ता, सीनियर सेक्शन इंजीनियर नैरोगेज ट्रैक



फोटो:-1पी1-कोपर लाहड़ के पास ट्रैक के नीचे से खिसकी मिट्टी का जायजा लेते रेल अधिकारी।
फोटो:-1पी2-ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरा, जिसे क्लीयर किया जा रहा है।
फोटो:-1पी3-तलाड़ा के पास रेल ट्रैक के नीचे से निकली फांउडेशन।
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