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जनरल कैटागिरी संगठन की ओर से गुरदासपुर में शांतिपूर्ण बंद कर किया रोष प्रर्दशन

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गुरदासपुर में शांतिपूर्ण बंद कर किया रोष प्रदर्शन
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दूसरे समुदाय के लोगों ने भी दिया बंद को समर्थन
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा तहसीलदार को मांगपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
सामान्य वर्ग संगठन की ओर से भारत बंद के आह्वान पर मंगलवार को शहर पूर्ण रूप से बंद रहा। सुबह कुछ नौजवानों की बैठक के बाद उन्होंने स्थानीय हनुमान चौक में एकत्र होकर कुछ दुकानों को बंद करवाया। इस पर शहर में अन्य दुकानें भी बंद हो गईं। बाहरी इलाकों में दुकानें खुली देखी गईं, लेकिन वे भी प्रदर्शनकारियों की ओर से शांतिमय अपील के चलते बंद कर दी गईं।
शहर में लोगों की सुविधा के लिए केमिस्ट छाप, अस्पताल, बैंक, क्लीनिक लैब और डिस्पेंसरी आदि खुली रहने दी गईं। ताकि कोई जानी नुकसान न हो। सुबह तक शहर में बंद होने के संबंध में कोई सूचना नहीं थी। इस पर पुलिस ने भी कोई विशेष प्रबंध नहीं किए थे, लेकिन अचानक सुबह जब जनरल कैटेगरी के लोग और विशेष कर युवा वर्ग में आरक्षण के विरोध में आक्रोष देखने को मिला। उन्होंने एकत्र होकर शांतिमय ढंग से हनुमान चौक, बाटा चौक, हरदोछन्नी रोड, काहनूवान चौक, बहरामपुर रोड़, पुरानी मंडी, संगलपुरा रोड, तिब्बड़ी रोड का पैदल और मोटरसाइकिलों पर चक्कर लगाया और शांतिपूर्वक दुकानें बंद करवाना शुरू किया।
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पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही भारी बल समेत डीएसपी गुरबंस सिंह बल, डीएसपी सिटी एडी सिंह, सिटी थाना प्रभारी शयाम लाल, बलदेव राज ने कहीं भी हिंसा को अंजाम नहीं होनेे दिया। हालांकि एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर खुद भी समय-समय पर शहर की गश्त लगा रहे थे। वहीं लोगों की ओर से बंद को मिले समर्थन से पुलिस भी मूकदर्शक बनकर प्रदर्शनकारियों के साथ चलती रही।
डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने बताया कि हमें सूचना मिली थी कि आरक्षण के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, जो बेहद शांतिपूर्वक तरीके से किया जा रहा है। पुलिस इनके साथ-साथ चल रही है। कहीं कोई शरारती तत्व शरारत न कर दे। वहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ और इनका प्रदर्शन शांतिपूर्वक ढंग से चल संपन्न हुआ।
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शहर के प्रमुख बाटा चौक, काहनूवान चौक, बाटा चौक में पुलिस ने पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। वहीं पुलिस को डर भी था कि कहीं पिछली बार 29 अक्तूबर की तरह दो समुदाय में तनाव न पैदा हो जाए, जिसे संभालना मुश्किल हो जाए। लगभग सभी समुदाय के लोग आरक्षण के खिलाफ एकजुट दिखे। उन्होंने मांग की कि आरक्षण को रद्द कर देना चाहिए। बंद की खबर सुबह मिलने से कुछ प्राइवेट स्कूलों ने तो पहले ही छुट्टी घोषित कर रखी थी, जबकि कुछ स्कूल खुले रहे। बैंकों का कामकाज भी सामान्य दिनों की तरह हुआ। बंद करने आए प्रदर्शनकारियों के आह्वान पर कुछ बैंक वालों ने भी अपने बैंक कुछ देर के लिए बंद रखे और बंद को समर्थन दिया। बंद का समाचार गांवों में पहुंचने पर गांवों से ग्राहक शहर में नहीं आए। करीब एक बजे सामान्य वर्ग संगठन के लोगों जिनमें लक्की स्वामी, शिव सेना बाल ठाकरे से हरविंदर सोनी, व्यापार मंडल के दर्शन महाजन, सर्राफा यूनियन के उपप्रधान अजय सूरी, जनरल कैटेगरी के यशपाल कौशल इत्यादि बहु संख्या में हजारों की तादात में उपस्थित लोगों ने तहसीलदार रविंदर सोढ़ी को मांग पत्र सौंपा और प्रदर्शन समाप्त किया। इसके बावजूद देर शाम तक न तो किसी ने दुकानें खोली और न ही कोई दुकान बंद करवाने के लिए गए। मांग पत्र में जनरल कैटेगरी वालों ने सुप्रीम कोर्ट के जनरल वर्ग के हित में फैसले का स्वागत किया।

10जीडीआर1- बंद पड़ा मेन बाजार का दृश्य
10जीडीआर2- जानकारी देते डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस
10जीडीआर3-तहसीलदार सोढ़ी को मांग पत्र सौंपते जनरल कैटिगरी संगठन के लोग।
10जीडीआर4-दुकाने बंद करवाते हुए युवा वर्ग
10जीडीआर5- बैंक बंद करवाते जनरल कैटिगरी के सदस्य।
10जीडीआर6-हनुमान चौंक में भीड़ के रुप में उमड़ा जनसमूह
10जीडीआर7- वक्ता लक्की स्वामी संबोधन करते हुए।
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