मोदी सरकार दलित हितों की रक्षा में नाकाम: जाखड़
प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ के नेतृत्व में कांग्रेस ने दिया राज्यपाल को मांगपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने चंडीगढ़ में राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से मिला। शिष्टमंडल ने बदनौर को मांगपत्र देकर एससी, एसटी अधिनियम की मूल भावनाओं को कमजोर करने की केंद्र सरकार की कोशिशों को रोकने की मांग की।
शिष्टमंडल में कैबिनेट मंत्री तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा, साधू सिंह धर्मसोत, अरुणा चौधरी, एससी सेल के चेयरमैन विधायक राजकुमार चब्बेबाल, विधायक नवतेज सिंह चीमा, बलबीर सिंह सिधु, प्रगट सिंह, राजकुमार वेरका, पवन आदिया, अमित विज, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा शामिल थे। इसके बाद पत्रकार वार्ता सुनील जाखड़ ने कहा कि मोदी सरकार ने जानबूझ कर एससी, एसटी अधिनियम की सुरक्षा के लिए उचित तरीके से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी नहीं की है। इस कारण से ऐसा हुआ है, जिसके कारण मूल अधिनियम की भावना कमजोर हुई है और इसके साथ ही यह कानून बेअर्थ होकर रह गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जानबूझ कर इस केस की पैरवी के लिए अटार्नी जनरल की बजाए जूनियर ला अधिकारी को अदालत भेजा। जाखड़ ने इससे केंद्र की मोदी सरकार का दलित विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। जाखड़ ने कहा कि मोदी सरकार ने एससी, एसटी बच्चों के लिए पोस्ट मैट्रिक वजीफा योजना के लिए इस वर्ष के बजट में 10 प्रतिशत की कटौती करके अपनी नीति और नीयत जनता के सामने रख दी है।