डेयरी उद्योग में ट्रेनिंग लेकर करें स्वरोजगार
बेहतर नस्ल के जानवर पैदा करने के लिए ट्रेनिंग देगी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
प्रदेश सरकार अब बेहतर नस्ल के दुधारू जानवर पैदा करने के लिए ट्रेनिंग देगी। बेहतर नस्ल के जानवर कृत्रिम गर्भाधान कीभी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे दूध की मात्रा बढ़ेगी और गुणवत्ता बेहतर रहेगी। इसी के साथ गी पशुओं को कैसे रखे, उन्हें क्या खुराक दे इसकी जानकारी दी जाएगी। पशुओं की बीमारियों से बचाने की विधि भी ट्रेनिंग का हिस्सा होगी। छह सप्ताह तक इस ट्रेनिंग में 18 वर्ष से 45 वर्ष की आयु तक कोई भी महिला या पुरुष हिस्सा ले सकते हैं। यह योजना पंजाब डेयरी ड्रीम प्रोजेक्ट से जुड़ी है।
डेयरी ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत ट्रेनिंग लेने वालों को बताया जाएगा कि किस नस्ल की गाय या भैंसों से दूध की मात्रा बढ़ सकती है। देसी व विदेशी नस्लों को ढाल कर नई नस्ल तैयार की जाएगी, जो कि ज्यादा दूध दे सके लेकिन चारा कम खाए। इस पर हुई कई सफल रिसर्चों को ट्रेनिंग कैंप में असली जामा पहनाया जाएगा। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के बेरोजगार युवाओं को डेयरी उद्योग से जोड़कर उन्हें सब्सिडी दिलाकर रोजगार दिलाना है।
डेयरी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कश्मीर सिंह गोराया ने बताया इस ट्रेनिंग में दसवीं पास होना लाजिमी है और घर में दुधारू पशु रखता हो। बेरोजगार किसी भी कोर्स में हिस्सा ले सकता है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग के लिए 22 दिसंबर को डेयरी सिखलाई व विस्तार केंद्र पर इंटरव्यू होगा। अमृतसर व इसके आसपास जिले के लोग फार्म डिप्टी डायरेक्टर अमृतसर से प्राप्त कर सकते हैं। तस्दीक फार्म धारकों को इंटरव्यू में हिस्सा लेने दिया जाएगा।