विपक्षी मतों का विभाजन करने की साजिश रच रही कांग्रेस : मजीठिया
अजनाला हलके के अकाली वर्करों से बैठक करने पहुंचे शिअद के महासचिव
किया दावा, 2019 लोकसभा चुनाव के बाद खैरा कांग्रेस में होंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब में पिछले एक महीने में जितने भी नए राजनीतिक दलों का गठन हुआ है, उसके पीछे कांग्रेस का ‘हाथ’ है। कांग्रेस लोकसभा चुनाव में विपक्षी वोटों का विभाजन करने का षड्यंत्र रच रही है। सुखपाल खैरा, रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा सहित आप के बागी सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी द्वारा नए दलों का गठन कांग्रेस की मदद के लिए किया गया है।
मजीठिया शुक्रवार दोपहर अजनाला में अकाली दल के वर्करों के साथ बैठक करने के बाद मीडिया से मुखातिब थे। मजीठिया ने कहा कि आप-कांग्रेस के बीच राजनीतिक सौदेबाजी की खबरों के बाद एडवोकेट एचएस फुलका ने आप से इस्तीफा दिया। मजीठिया ने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद खैरा कांग्रेस में शामिल होंगे। नई पार्टियों ने पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस का समर्थन किया। पंजाब में नई पार्टियों द्वारा बनाए जा रहे तथाकथित महागठबंधन का कोई जमीनी आधार नहीं है।
मजीठिया ने शुक्रवार सुबह अजनाला विधानसभा हलके के कई अकाली लीडर्स का दरवाजा खटखटाया। पूर्व सांसद डॉ. रतन सिंह अजनाला और उनके बेटे पूर्व विधायक अमर पाल सिंह बोनी द्वारा अकाली दल से विद्रोह कर नए अकाली दल (टकसाली) का गठन करने के बाद अकाली दल के किसी बड़े नेता का अजनाला हलके का यह पहला दौरा था। अजनाला और रमदास की नगर काउंसिल के अकाली पार्षदों को मीडिया के सामने पेश करते हुए मजीठिया ने कहा कि सभी अकाली दल के साथ हैं। अजनाला विधान सभा के जुड़े राय सिखों व ईसाई बरादरी ने भी प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर बादल पर विश्वास प्रगट किया है। मजीठिया ने कहा कि अकाली दल के वर्कर तभी अजनाला परिवार के साथ थे, जब तक वह अकाली दल से जुड़े हुए थे। बैठक में अजनाला हलके के सभी एसजीपीसी सदस्य भी मौजूद थे। 22 जनवरी को अजनाला के अकाली वर्कर्स के साथ बैठक करने के लिए सुखबीर सिंह बादल आएंगे।