दो महीने से वेतन न मिलने पर निगम कर्मियों ने जताया रोष
कहा, वेतन न मिलने से नहीं दे पा रहे बच्चों की फीस और बैंकों की किश्तें
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। नगर निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से इंप्लाइज यूनियन के प्रधान अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों व अधिकारियों ने कंधों पर काली पट्टियां बांधकर गेट रैली की और पंजाब सरकार, मेयर अनिल वासुदेवा के खिलाफ नारेबाजी भी की।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अक्तूबर माह से लेकर अब तक वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है। मुलाजिमों की ओर से विभिन्न बैंकों व अदारों से लोन लिया गया है। वहीं बच्चों की पढ़ाई संबंधी फीस भी समयानुसार अदा करनी पड़ती है लेकिन अब तक वेतन नहीं मिलने के कारण मुलाजिमों को ब्याज पर पैसे लेकर बैंक के लोन की किश्तें जमा करवानी पड़ रही है। इसके साथ ही बच्चों की स्कूल फीस भी लेट फीस भी दी जा रही है। उन्होंने बैंकों में निगम की जमापूंजी का ब्योरा साक्ष्यों के जरिए पेश करते हुए कहा कि बैंकों में करोड़ों रुपये होने के बावजूद भी उन्हें वेतन क्यों नही दिया जा रहा है। ऐसा होने से मुलाजिमों के सब्र का बांध टूट गया है और मुलाजिमों में निगम के प्रति रोष है। उन्होंने कहा कि यदि निगम का पैसा बैंकों में जमा है तो निगम को चाहिए कि वह मुलाजिमों को शीघ्र वेतन की अदायगी करें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने कहा कि यदि निगम की ओर से मुलाजिमों को शीघ्र वेतन नहीं दिया गया तो वह इस संघर्ष को उग्ररूप में तब्दील करेंगे। इसकी जिम्मेदारी निगम की होगी। मौके पर सुपरिंटेंडेंट इंद्रजीत सिंह, एमई सतीश सैनी, सीएसआई विक्रमजीत सिंह, सीएसआई विक्रमजीत, कमल कुमार, संजय कुमार, पवन कुमार, अशोक कुमार, एनके शर्मा, दिनेश कुमार, मेहर सिंह, जतिंद्र कुमार, ओंकार नाथ, लखविंद्र सिंह, हरदेव सिंह, सुरिंद्र कुमार, तीर्थ राम, बलविन्द्र कौर, प्रवीण कुमारी, कमला, वीना, रेणुका, रजनी, सुनंदा, निर्मल, शालिनी, रेणू, रितू, वैष्णों, सुमन, दर्शना, मनदीप सिंह, प्रदीप कुमार, राजीव कुमार, नरेश कुमार उपस्थित थे।
जरनल हाउस बैठक में कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी नहीं लेंगे हिस्सा
कर्मचारियों ने कहा कि निगम की हाउस बैठक में समस्त वार्डों के पार्षद हिस्सा लेते हैं और उन्हें भी बुलाया जाता है। बैठक में कर्मचारियों की कमियां निकालकर उन्हें शर्मसार किया जाता है जो गलत है। उन्होंने कहा कि पार्षदों और मेयर को अगर किसी विकास कार्य या शिकायत संबंधी बात करनी है तो वह निगम दफ्तर में आकर बात करें। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि कोई भी कर्मचारी जरनल हाउस बैठक में हिस्सा नहीं लेगा।
फोटो:-1-सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नगर निगम कर्मचारी।