निगम कर्मचारियों ने 3 घंटे बंद रखा मेन गेट
-मेयर और कमिश्नर के खिलाफ की नारेबाजी, 2 दिन तक 4 घंटे कामकाज ठप कर करेंगे विरोध प्रदर्शन
-सोमवार से काम छोड़ हड़ताल पर जाएंगे सभी मुलाजिम
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। नगर निगम की सभी 7 यूनियनों की ओर से समूह जत्थेबंदी नगर निगम के बैनर तले निगम प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर टेबल टॉक की मांग कर रहे सभी यूनियन सदस्यों ने लगभग 3 घंटे निगम के मेन गेट पर धरना लगाया और कमिश्नर, मेयर के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान मेन गेट पर कचरे से भरी ट्राली बीच सड़क खड़ी करने से ट्रैफिक जाम हो गया। रमेश कट्टो और जतिन्द्र चीना के नेतृत्व में रोष जता रहे कर्मचारियों का कहना है कि अगले 3 दिन रोजाना 10 से 1 बजे तक कामकाज ठप कर मेन गेट पर धरना दिया जाएगा और सोमवार से मुकम्मल काम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। महासचिव रमेश दरोगा और वाटर सप्लाई प्रधान ठाकुर धरमेन्द्र सिंह ने कहा कि यूनियनों ने एकमत होकर 18 सूत्रीय मांगों को लेकर कमिश्नर को 7 दिन में टेबल टॉक करने का अल्टीमेटम दिया था पर कमिश्नर और मेयर ने उन्हें टाइम नहीं दिया जिसके चलते सभी कर्मचारी हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं। रोष प्रदर्शन में इलेक्ट्रीशियन यूनियन प्रधान राजेश्वर लवला, सीवरमैन यूनियन से सुनील कुमार, दीपक भट्टी, सुनील, स्वर्ण, यूनुस, सुदेश, सुरिन्द्र कुमार, राजपाल, राजेश, साहिब, सोम कुमार, बलदेव, सौरभ, बंटी, रमेश, राजू, रामलाल, अनिल, साजन, सुशील, रोशन मल्होत्रा, सुशील व अन्य उपस्थित रहे।
यूनियनों ने यह रखी थी मांगें
यूनियनों ने 18 सूत्रीय मांगों में पार्ट टाइम कर्मचारियों को फुलटाइम करने, मुलाजिमों के पीएफ ब्याज समेत खातों में डालने, मौसम के हिसाब से वर्दियां, सफाई सेवक और सीवरमैन को सेफ्टी उपकरण मुहैया करवाने, कचरा उठाने के लिए टोकरियां व अन्य सामान, लिफ्टिंग वाले वाहनों पर लेबर बढ़ाने, सरकारी आदेशों के अनुसार 4-9-14 की तरक्की देने, सालाना इन्क्रीमेंट देने, योग्यता अनुसार 10 सुपरवाइजर को रेगुलर करने, आउटसोर्स ड्राइवरों को रेगुलर करने, रिटायरमेंट के बाद चाहवान मुलाजिमों को 2 साल की एक्सटेंशन देने, कर्मचारी हित में सरकारी पत्रों को यूनियन को मुहैया करवाने, हाउस मीटिंग की प्रोसीडिंग कॉपी देने, मुलाजिमों की सैलरी का समय निश्चित करने, कर्मचारियों को सालाना तेल और साबुन दिया जाए, ठेकेदार की लेबर में दफ्तर के अधिकारियों का दखल बंद करने, हर कर्मचारी से कैटेगरी के अनुसार काम लेने, कचरा लिफ्टिंग वाली गाड़ियों पर जीपीएस सिस्टम न लगाने, कर्मचारियों को नगर निगम के सभी भत्ते जारी करने आदि मांगों को शामिल किया है।