ड्यूटी के लिए दूर-दराज भेजने पर अध्यापक यूनियनों ने की निंदा
अध्यापक नेताओं ने फैसला वापस लेने की रखी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
पंजाब सरकार की ओर से इस बार 10वीं व 12वीं की परीक्षा पूर्ण तौर पर नकल रहित करवाने के लिए नई नीति तैयार की गई है। इसके तहत सभी स्कूलों के सेंटर तब्दील कर दिए गए हैं। इसके बाद अब शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल अध्यापकों को ड्यूटी के लिए दूर दराज भेजा जा रहा है। इसकी अध्यापक यूनियनें निंदा कर रही हैं। डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट पंजाब गुरदासपुर ने अध्यापकों की 10वीं व 12वीं कक्षा की सालाना परीक्षा के लिए बतौर सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ड्यूटी दूर दराज लगाकर परेशान करने की निंदा की है।
संगठन के जिला प्रधान अमरजीत शास्त्री और महासचिव हरजिंदर सिंह वडाला बांगर ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों ने गुरदासपुर-पठानकोट जिले के अध्यापकों को परेशान करने के लिए 60 से 80 किलोमीटर दूर ड्यूटी लगाई है। अध्यापकों को सिर्फ 80 रुपये ड्यूटी भत्ता दिया जाना है। उनको निगरान, क्लर्क और दर्जा चार को कोई मेहनताना नहीं दिया गया। इन ड्यूटियों के नियुक्ति पत्र देते हुए समय जिला शिक्षा अधिकारियों की कोई सहमति नहीं ली गई। गुरदासपुर तहसील के अध्यापक बटाला तहसील, डेरा बाबानानक के अध्यापकों को काहनूवान, श्री हरगोबिंदपुर के स्कूलों में ड्यूटी देने के लिए मजबूर किया गया है। इस दौरान अध्यापक नेता प्रिंसिपल अमरजीत सिंह मनी, बलवंत सिंह नड़ांवाली, गुरदयाल चंद, उपकार सिंह, डा. सतिंदर, वरगिस सलामत, हरदीप राज, महिंदर सिंह ने पंजाब सरकार से मांग की है कि अध्यापकों की ड्यूटियां वापस ली जाएं।
26जीडीआर9- जानकारी देते हुए अमरजीत शास्त्री व अन्य ।