अवैध माइनिंग से ग्रामीणों में रोष
कहा, 15 गांवों पर मंडरा रहे है खतरे के बादल
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन।
रेत की काला बाजारी रोकने का वादा करने वाली कैप्टन सरकार पर गांव तूत के लोगों ने सवाल उठाए है। लोगों का कहना है कि सियासी दखल पर दो माह से रेत की अवैध माइनिंग हो रही है। इस दरिया ब्यास के साथ वाले 15 गांवों पर खतरे के बादल मंडरा रहे है।
जट्ट महा सभा पंजाब के महासचिव एडवोकेट जसकरण सिंह तूत की अगुवाई में ग्रामीणों ने बताया कि विधान सभा हलका पट्टी के गांव जल्लोके (कोट बुड्डा) में रेत की खड्ड है। सियासी दखल पर गांव तूत और राधलके के बीच रेत की अवैध माइनिंग की जा रही है। चेयरमैन हरजिंदर सिंह, नछत्तरपाल सिंह, काला सिंह, गुरसाहिब सिंह ने बताया कि रेत की अवैध माइनिंग करने वालों ने ट्राले और जेसीबी लिए रास्ता बना दिया है। इस रास्ते से रोजाना 100 ट्राला गुजरते है। तूत ने बताया कि दरिया ब्यास के साथ लगते गांव जल्लोके, सभरा, सीतो महि झुग्गिया, बंगला राएके, कोट बुड्ढा, भाऊवाल, राम सिंह वाला, झुग्गिया कालू सिंह, राधलके, तूत, भंगाला, झुग्गिया पीर ब श, मुट्ठिया वाला, गजल, रसूलपुर इत्यादि गांवों पर खतरे के बादल मंडरा रहे है।
यह गांव दरिया ब्यास के साथ सटे है। गांव तूत और राधलके के बीच रेत की बड़े स्तर पर माइनिंग होने से क्षेत्र में बाढ़ आ सकती है। एडवोकेट तूत ने आरोप लगाया कि उक्त माइनिंग रुकवाने लिए हलका विधायक से ग्रामीण मिले थे। इसके बावजूद अवैध माइनिंग बेखौफ चल रही है। हलका पट्टी के विधायक हरमिंदर सिंह गिल कहते है कि अवैध माइनिंग की किसी को भी अनुमति नहीं है। डिप्टी कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल कहते है कि रेत की अवैध माइनिंग रोकने लिए टीमों का गठन किया गया है। अवैध माइनिंग पर कार्रवाई की होगी।