डॉ. त्रेहन हत्याकांड में प्रो. वल्टोहा की जमानत अर्जी मंजूर
तरनतारन। करीब 36 साल पुराने पट्टी के डॉ. सुदर्शन त्रेहन हत्याकांड में पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए शिअद प्रवक्ता और पूर्व सीपीएस प्रो. विरसा सिंह वल्टोहा पट्टी की अदालत में पेश हुए। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन अप्रैल की तिथि निर्धारित की।
30 सितंबर 1983 को डॉ. सुदर्शन त्रेहन की उनके ही क्लीनिक में तीन हथियारबंद लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। थाना पट्टी की पुलिस ने धारा 302, 307, 452, 34 आईपीसी, 25, 27, 54, 59 आर्म्स एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 1984 में गांव भूराकोहना निवासी हरदेव सिंह को एक मामले में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में हरदेव ने खुलासा किया कि डॉ. त्रेहन हत्याकांड में बलदेव सिंह और विरसा सिंह वल्टोहा शामिल हैं। पुलिस ने बाद में बलदेव सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अमृतसर के एडिशनल जज की अदालत ने हरदेव सिंह और बलदेव सिंह को सबूतों के अभाव पर 6 नवंबर 1990 को बरी कर दिया। हालांकि इस मामले में प्रो. विरसा सिंह वल्टोहा अदालत से जमानत ले चुके थे। बाद में उनके खिलाफ चलान पेश नहीं किया गया। करीब 35 साल बाद डॉ. त्रेहन हत्याकांड दोबारा चर्चा में आया। इस बीच पुलिस थाने से उक्त केस का रिकॉर्ड गायब हो चुका था। फरवरी में तरनतारन पुलिस ने प्रो. विरसा सिंह वल्टोहा के खिलाफ पट्टी स्थित मनीष गर्ग की अदालत में सप्लीमेंटरी चालान पेश कर दिया। अदालत ने प्रो. वल्टोहा को अदालत में पेश होने के आदेश दिए। एडवोकेट कंवलजीत सिंह बाठ व गुरजीत सिंह ने प्रो. वल्टोहा के वकील के तौर पर अदालत के सामने जमानत की अर्जी लगाई। अदालत ने जमानत की अर्जी मंजूर कर ली और अगली सुनवाई के लिए तीन अप्रैल की तिथि निर्धारित कर दी।