‘वोट लेना है तो बदलो गांव की नुहार’
गुरदासपुर ।
सियासती पार्टियों के विकास के दावों को रद्द करते हुए गांव घेसल के नौजवानों ने एलान किया है कि यदि वोट लेना है तो पहले छह गांवों को जोड़ती छन्नीं-घेसल सड़क और 15 सालों से टूटी पुलिया की खस्ता हालत सुधारी जाए, नहीं तो इन गांवों से संबंधित कोई भी नौजवान वोट नहीं डालेगा।
मांग को लेकर प्रदर्शन करत रहे गांव के नौजवान रणजीत सिंह, मनोज कुमार, सरताज सिंह, अवतार सिंह और कुलदीप सिंह कहा पहले कांग्रेस ,फिर 10 साल अकाली-भाजपा सरकार और अब कांग्रेस सरकार सूबे का सर्वपक्षीय विकास करने के दावे कर रही है। गांव घेसल और आसपास के इलाके में कहीं में विकासनहीं दिखता है। उन्होंने बताया कि पुलिया का हिस्सा बीच में से बैठ चुका है और इसके दोनों किनारे पूरी तरह से टूट चुके हैं। पुलिया से गुजरते स्कूली बच्चों को खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि गांववासियों ने अपने पैसे खर्च जाने का अस्थाई प्रबंध किया हुआ है। दूसरी साइड किसानों ने अपनी, ट्रैक्टर-ट्रालियां ले जाने के लिए निजी खर्च से नई पुलिया बनवाइ है, जहां से केवल उनके ही वाहन गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को कई बार समस्या से अवगत करवाया है। वोट लेने के बाद कोई भी नेता सुध नहीं लेता। सड़क की हालत बेहद दयनीय है। इस रोड पर घेसल के अलावा तुगयाल, गोपालिया, अकबरपुर, कुंडे लालोवाल और छन्नीं गांव पड़ते हैं। नौजवानों ने एलान किया कि वोट सिर्फ उसी उम्मीदवार को देंगे, जो उनकी समस्याओं का हल करवाएगा।
चुनाव के बाद दोनों समस्याओं हल: अरुणा चौधरी
दीनानगर की विधायक और शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि छन्नीं-घेसल सड़क को बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। उपचुनाव के कारण काम शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि टूटी पुलिया का काम भी सड़क के साथ ही करा दिया जायेगा। पांच वर्ष के अंदर पूरे हलके की नुहार बदल दी जाएगी। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आए सिर्फ छह माह ही हुए हैं, लोग धैर्य रखें और क्षेत्र का मुकम्मल विकास कराने के लिए समय दें।