कैप्टन जिसे मेयर बनाएंगे वही मंजूर: सिद्धू
मंत्री बोले-बिना बुलाए में केवल धार्मिक स्थल पर जाता हूं
कहा- सिद्धू ईमानदारी की राजनीति करता है।
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का यह दर्द है या फिर सीधे उत्तर न देने की कलाकारी। प्रेस कांफ्रेस में जब उनसे सवाल पूछा गया कि जालंधर, पटियाला व अमृतसर का मेयर चुनने के लिए पंजाब सरकार ने उनकी सहमति क्यों नहीं ली, उन्हें क्यों नजरअंदाज किया गया। इस प्रश्न के उत्तर में सिद्धू ने कहा कि मेयर कोई भी बने, फरमान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जारी करना है। वह जिसे भी मेयर बनाएंगे, वही मंजूर है। रही बात बुलाने और न बुलाने की तो मैं बिना बुलाए केवल धार्मिक स्थलों पर जाता हूं।
नवजोत सिंह सिद्धू पिछली कई प्रेस कांफ्रेसों में सियासत के सवालों से अधिक तव्वजो जनता से जुड़े मामलों को देने लगे हैं। सिद्धू कहते हैं कि उनका मकसद जनता की सेवा करना है। किसी पर कीचड़ उछालना नहीं। सियासत रंग बदलती रहती है लेकिन सिद्धू ईमानदारी की राजनीति करता है। सिद्धू ने आज तक किसी से एक पैसा भी लिया हो तो बताए। मैं सियासत में काम करने और अपने पूर्वजों के नाम को आगे बढ़ाने के लिए आया हूं। गलत ढंग से पैसा कमाने से कोई इज्जत तो कमा नहीं सकता लेकिन इज्जत कमाने वाला पैसा कमा सकता है। विकल्प हैं।
पंजाब सरकार राज्य के विकास के लिए कार्य कर रही है। खुशी है कि पूर्व सरकार जो दस सालों में नहीं कर पाई उसे कांग्रेस ने दस महीनों में कर दिया है। आम आदमी पार्टी दिनों-दिन जनाधार खो रही है। पंजाब में विपक्ष में रहते हुए भी डायलसिस पर है। आखिरी सांसे ले रही है। पंजाब 2019 की राजनीति में इतिहास रचेगा। कांग्रेस का जनाधार दिनों-दिन इस लिए बढ़ रहा है क्योंकि जनता के सामने अब एक ही विकल्प है और वो है राज्य का विकास, कांग्रेस के हाथ।