मांगे न पूरी होने पर रोडवेज कर्मियों ने की गेट रैली
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। पंजाब रोडवेज की साझी एक्शन कमेटी की ओर से वीरवार को मांगों को लेकर रोडवेज डिपो बटाला में गेट रैली की गई। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
गुरजीत सिंह घोड़ेवाह ने बताया कि मुलाजिमों की पिछले लंबे समय से मांगें लटकती आ रही है। लेकिन सरकार ने केवल वादे के अलावा कोई मांग पूरी नहीं की। इस दौरान मांगे उठाई कि ठेकेदारी सिस्टम बंद किया जाए, रोडवेज को कार्पोरेशन में तब्दील न किया जाए, कर्ज मुक्त पनबसें रोडवेज में तब्दील की जाएं, पे कमीशन की रिपोर्ट लागू की जाए। राज्य चेयरमैन गुरचरन सिंह संधू ने कहा कि डिपो के हालात दिन प्रतिदिन खराब हो रहे हैं। वर्करों के लिए पीने के लिए पानी और शौचालय नहीं हैं। इस ओर मैनेजमेंट का कोई ध्यान नहीं है।
उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल 2019 को ट्रांसपोर्ट मंत्री के साथ उनकी मीटिंग हुई थी। जिसमें दो मांगे रोडवेज को कार्पोरेशन में बदलने और कर्ज मुक्त पनबसें रोडवेज में तब्दील करने पर सहमति हुई है। जिस कारण 27 अप्रैल का झंडा मार्च जो दीनानगर हलके में किया जाना था, वह रद्द कर दिया गया है। अगर इस बार भी ठोस नतीजे नहीं निकले तो दोबारा संघर्ष किया जाएगा। इस गेट रैली में विजय कुमार, जोगिंदर सिंह, अवतार सिंह, मलकीत सिंह, रविंदर सिंह, सतिंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, जसबीर सिंह, हरगोपाल सिंह, रविंदर सिंह, प्रीतम सिंह, दवारका नाथ, राज कुमार, जगदीप कौर, मनबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनजिंदर सिंह आदि मौजूद थे।
फोटो- 25जीडीआरबीटीएलपी02
कैप्शन- बटाला के रोडवेज डिपो में नारेबाजी करते हुये रोडवेज कर्मी।