सऊदी अरब से गांव लंगरवाल पहुंचा निशान सिंह का शव
7 अप्रैल को केमिकल वाला सीमेंट गिरने से हुई थी मौत, 7 जून को थी शादी
एक साल से कंपनी से छुट्टी मांग रहा था, सोमवार देर शाम किया गया दाह संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। सऊदी अरब में नौकरी के लिए गए फतेहगढ़ चूड़ियां के गांव लंगरवाल के रहने वाले 27 साल के युवक का शव सोमवार को उसके पैैतृक गांव लंगरवाल पहुंचा। उक्त युवक की मौत 7 अप्रैल को यमामा की सीमेंट वाली कंपनी में केमिकल वाला सीमेंट गिरने से और झुलसने से हुई थी। सोमवार को युवक का शव आते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। युवक की जून में शादी थी। निशान सिंह कंपनी से एक साल से छुट्टी मांग रहा था लेकिन कंपनी उसे छ़ुट्टी नहीं दे रही थी। सोमवार को शव हेल्पिंग हेल्पलेस संस्था ने निशान सिंह के घर पहुंचाया गया। देर शाम अंतिम संस्कार किया गया।
संस्था की संचालक अमनजोत कौर रामूवालिया ने बताया कि निशान सिंह (27) की मौत के बाद 30 अप्रैल को मृतक के पारिवारिक सदस्यों ने उन्हें अपनी मुश्किल के बारे में बताया। उन्होंने सऊदी अरब में किसी तरह राबता बनाया और परिवार को कहा कि उनके बेटे के शव को गांव पहुंचाया जाएगा। अमनजोत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए और रोजगार के मौके पैदा करने चाहिए। मृतक की माता हरजिंदर कौर ने बताया कि निशान सिंह तीन साल पहले सऊदी अरब गया था और उसने जल्द ही आ जाना था। वहां पर यमामा सीमेंट कंपनी रियात में वह ट्राला ऑपरेटर का काम करता था। 31 मार्च को उसके साथ कर्मचारी ने फोन करके बताया था कि निशान सिंह केमिकल वाला सीमेंट पड़ जाने से झुलस गया है। 7 अप्रैल को अचानक उसकी इलाज के दौरान मौत की खबर आई। उन्होंने बताया कि कई नेताओं से भी संपर्क किया गया लेकिन उनकी कोई मदद नहीं हो सकी। अंत में अमनजोत कौर रामूवालिया से संपर्क किया तो उन्होंने शव को भारत लाने में उनकी मदद की और उनके बेटे का शव उनके घर पहुंचाया। मृतक की मां हरजिंदर सिंह कौर, बहन गुरबीर कौर, राजबीर कौर और भाई संदीप सिंह ने बताया कि उनके भाई निशान सिंह की शादी जून महीने में होनी थी। वह सभी तो खुशियों की तैयारी में थे लेकिन क्या पता था कि ऐसी अनहोनी हो जाएगी।
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कैप्शन- बटाला के गांव लंगरवाल में मृतक निशान सिंह के घर छाया मातम का माहौल।