बंद घर की चाबी नहीं मिली तो महिला डीएसपी की गाड़ी के आगे बैठी
वीरवार को रात विवादित घर पर पुलिस ने लगा दिया था ताला
कहा- जब तक उसके घर की चाबी नहीं मिलती तब तक वह डीएसपी को नहीं जाने देगी
तीन घंटे के बाद घर की चाबी महिला को मिली तब पुलिस घटनास्थल से निकली
गांव के लोगों ने किया प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी
मामला दो पक्षों के बीच जायदाद के कब्जे का
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। गांव गोखूवाल में जायदाद को कब्जाने के मामले में दो पक्षों में वीरवार को शुरू हुआ विवाद गहरा गया। इस विवाद में एक पक्ष पुलिस को भी पार्टी बना रहा है। वीरवार रात को विवादित घर को ताला लगा दिया गया था। इस विवाद में शुक्रवार को घर का ताला खुलवाने के लिए करीब तीन घटें हाई वोल्टेज ड्रामा चला। घर का ताला खुलवाने और एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए पीड़िता महिला ऊषा रानी पत्नी राजबीर सिंह, ननद कुलजीत कौर ने लोगों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया और बटाला पुलिस के खिलाफ नारेेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी सिटी प्रह्लाद सिंह जांच के लिये मौके पर पहुंचे तो ऊषा रानी और उसकी नंनद कुलजीत कौर पुलिस की गाड़ी के सामने बैठ गई और कहने लगी कि जब तक पुलिस घर की चाबी नही सौंपती तब तक वह डीएसपी को वहां जाने नहीं देगी। करीब तीन घंटे के बाद एमसी बिक्रमजीत सिंह कहीं से घर की चाबी लेकर आया और उसने डीएसपी को वह चाबी दे दी। डीएसपी ने चाबी ऊषा रानी को दी और घर खोल दिया, तब जाकर पुलिस को गांव से निकलने दिया गया। वहीं ऊषा रानी ने प्रदर्शन के दौरान एसएचओ सिविल लाइन पर दूसरे पक्ष के लोगों से मिले होने और उनके साथ धक्केशाही करने का आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस ने दूूसरे पक्ष से मिलकर घर को ताला लगाया। पीड़ित महिला ने कहा कि इस घर पर उसका हक है और वह यह हक किसी ओर को छीनने नही देगी। वहीं ऊषा रानी की ननद कुलजीत कौर ने पुलिस की कार्यशैली पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी पुलिस अधिकारी को किसी के घर की दीवार को फांद कर अंदर घुसने का अधिकार नहीं है, जबकि उस अधिकारी को इस बात का पता है कि अंदर महिलाएं हैं। इस मौके पर पहुंचे डीएसपी सिटी प्रह्लाद सिंह ने बताया कि वीरवार को गांव गोखूवाल में दो पक्षों में जायदाद के विवाद को लेकर तकरार हुआ था, वह उसकी इन्क्वायरी के लिये शुक्रवार को पहुंचे हैं। वह सभी के बयान दर्ज कर रहे हैं। बयान दर्ज करके वह अपने रिपोर्ट अपने सीनियर अधिकारियों के आगे पेश करेंगे। उसके बाद जो कार्रवाई होगी। वह अपता लगाएंगे कि इस घर को ताला किसने लगाया था। मामले में जो भी आरोपी होगा, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि वीरवार को ऊषा रानी की सौतेली ननद सोनियां संधू और भूपिंदर कौर के बीच गांव गोखूवाल में जायदाद को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें सोनियां और भूपिंदर कौर घायल हो गई थीं। इसके बाद जहां ऊषा रानी रह रही थी, जिसके घर को किसी ने ताला लगा दिया था और ऊषा रानी और उसके दो छोटे-छोटे बच्चों को बाहर निकाल दिया था।
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कैप्शन- बटाला के गांव गोखूवाल में शुक्रवार को डीएसपी की गाड़ी सामने गाड़ी को रोककर बैठी उषा रानी और उसकी ननंद कुलजीत कौर
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कैप्शन- गांव गोखूवाल में प्रदर्शन करते हुये गांव वासी।
फोटो- 28जीडीआरबीटीएलपी01 (सी)
कैप्शन- गांव गोखूवाल में डीएसपी सिटी प्रलहाद सिंह प्रदर्शनकारियों को समझाते हुयेद्घ