किसानों ने गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्रालियों से साथ लगाया जाम
चीनी मिलों के प्रबंधक पर िडिमांड पर्चियां नहीं देने का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
जिले में गन्ना काश्तकारों की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। अब तक किसानों का 20 फीसदी तक गन्ना खेतों में गन्ना खड़ा है। चीनी मिलों के प्रबंधक किसानों को डिमांड पर्चियां नहीं दे रहे। इन प्रबंधकों के रवैये के विरोध में कस्बा पुराना शाला में गन्ना ट्रालियों सहित किसानों ने गुरदासपुर-मुकेरियां मार्ग जाम करके प्रबंधकों के खिलाफ नारेबाजी की।
पंगड़ी संभाल लहर के नेता गुरप्रताप सिंह रंधावा, धनवीर सिंह, जतिंदर सिंहझौर के नेतृत्व में काफी लंबे समय तक गन्ने का साथ भरी ट्रालियां सड़क में खड़ी करके आवाजाही को जाम रखा गया। किसानों ने सरकार, जिला प्रशासन व मिल प्रबंधकों के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। गुरप्रताप सिंह ने साथियों सहित बताया कि गत दिनों डीसी व गन्ना विभाग के अधिकारी ने उन्हें लिखित तौर पर मांग पत्र देते समय आश्वासन दिलाया था कि उन्हें 28 अप्रैल को हर हालत में गन्ना पर्चियां मिलेंगी। जब किसान गन्ना ट्रालियों सहित कस्बा पुराना शाला में गन्ना पर्चियां लेने के लिए पहुंचे तो उन्हें न तो पर्चियां दी गई और न ही कोई मिल अधिकारी मिला।
उन्होंने कहा कि जिला अधिकारियों के आदेशों को भी मिल प्रबंधक मानने के लिए तैयार नहीं है। इसके चलते उन्हें मजबूर होकर संघर्ष करना पड़ रहा है। मिल प्रबंधक संजय सिं का कहना है कि 30 अप्रैल के बाद गन्ना पर्चियां भेजी जाएंगी। किसानों के खड़े गन्ने की पिराई तक मिल चालू रहेगी। इसलिए किसानों को कोई परेशान होने की जरूरत नहीं है। किसानों व मिल का संबंध पहले की तरह अच्छा बना रहेगा। उन्हें बस थोड़ा इंतजार करना पडेगा हर किसान की फसल उठाई जाएगी और सभी को डिमांड पर्चियां मिलेगी।