पंजाब से राज्यसभा में एकमात्र सांसद संत सीचेवाल
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पंजाब के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका दिया। राघव ने पंजाब के पांच और दिल्ली की एक सांसद के साथ भाजपा में शामिल होने का एलान कर दिया।
पंजाब से राज्यसभा में सात सांसद हैं। इनमें राघव चड्ढा, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक और संत बलबीर सिंह सीचेवाल शामिल हैं। अब संत सीचेवाल को छोड़कर छह सांसदों ने पार्टी का हाथ छोड़ दिया है।
अशोक मित्तल को कुछ दिन पहले ही राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में पार्टी उपनेता पद पर तैनात किया गया था। दस दिन पहले उनके आवास और प्रतिष्ठानों पर ईडी की रेड हुई थी। अब वे पार्टी से अलग हो गए हैं।
पर्यावरण के रखवाले हैं संत सीचेवाल
राज्यसभा में अब आम आदमी पार्टी के इकलाैते सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल बचे हैं। पंजाब में वर्ष 2000 में कार सेवा शुरू करके संत सीचेवाल ने गुरु नानक देव जी से जुड़ी ऐतिहासिक नदी काली बेई का कायाकल्प करने में विशेष भूमिका निभाई थी। उनके प्रयास से ही औद्योगिक व मानवीय प्रदूषण से जाम 160 किलोमीटर लंबी काली बेई साफ हो पाई थी।
आज काली बेई देश में न केवल एक रोल माडल के रुप में देखी जाती है, बल्कि आज वह जगह एक पिकनिक स्थल के रुप में विकसित हो चुकी है। सड़कों वाला बाबा, वेलफेयर बाबा, बेईं वाले बाबा और ईको बाबा से विख्यात संत सीचेवाल ने अपने हाथों से बेईं से कांग्रेस बूटी निकाली थी। शुरुआती दौर में अकेले चलने वाले संत सीचेवाल के प्रयास लोक लहर बन चुके हैं।
आप को हो गया था आभास
आम आदमी पार्टी को इस टूट का आभास हो गया था। राघव चड्ढा की प्रेस कांफ्रेंस से कुछ देर पहले पार्टी के पंजाब महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने आम आदमी पार्टी तोड़ने की साजिश रची है। पन्नू ने चड्ढा पर आरोप लगाया था कि वह आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अमित शाह ने राघव चड्ढा को आप सांसद तोड़कर लाने पर केंद्रीय मंत्री बनाने का आश्वासन दिया है। ईडी की रेड के जरिये सांसद पर राघव चड्ढा की पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया जाता है।