देश के सभी राज्य अपनी पुलिस में 33 फीसदी महिलाएं भर्ती करें। यह सिफारिश गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को भेजकर राय मांगी है। गृहमंत्री सुशील शिंदे ने 15 अप्रैल को दिल्ली में सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है, इसमें प्रशासनिक सुधार आयोग की पुलिस से संबंधित रिपोर्ट पर राय ली जाएगी।
मुख्यमंत्रियों को भेजे एजेंडे में प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिश में कहा गया है कि पुलिस में सभी स्तरों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाकर 33 फीसदी किया जाए।
हरियाणा पुलिस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 10 फीसदी किया जा रहा है। अभी छह फीसदी महिलाएं हैं।
एक ऐसी सिफारिश की गई है जिस पर कम राज्यों की सहमति हो सकती है। आयोग ने सिफारिश की है कि क्राइम इनवेस्टिगेशन पुलिस के अन्य कार्यों से अलग होनी चाहिए। हर राज्य में क्राइम इनवेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) गठित की जानी चाहिए।
इस एजेंसी का प्रशासनिक नियंत्रण एक बोर्ड से होना चाहिए। बोर्ड का मुखिया हाईकोर्ट के सिटिंग या रिटायर्ड जज होना चाहिए। एक रिटायर्ड पुलिस अफसर, एक रिटायर्ड सिविल सर्वेंट सदस्य हों।
गृह सचिव, डीजीपी और सीआईए के मुखिया और अभियोजन के मुखिया बोर्ड के एक्स आफिसियो मेंबर होने चाहिए। बोर्ड के चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति हाई पावर कोलेजियम करे।
कोलेजियम में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, राज्य के गृह मंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता शामिल हों। सीआईए के मुखिया की नियुक्ति भी बोर्ड द्वारा की जानी चाहिए।
सीआईए के मुखिया को जांच के मामलों में पूरी तरह स्वतंत्रता होनी चाहिए। मुखिया की कम से कम तीन साल की तैनाती होनी चाहिए।