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'शीला सरकार बचा रही थी भुल्लर को'

Fri, 12 Apr 2013 02:34 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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1993 दिल्ली धमाके में जख्मी हुए कांग्रेस नेता एमएस बिट्टा ने भुल्लर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। बिट्टा ने कहा कि अब तक शीला दीक्षित सरकार भुल्लर को बचाती रही है।
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खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकी देविंदर पाल सिंह भुल्लर को 1993 में दिल्ली में धमाका करने का दोषी पाया गया था। इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई थी। इस धमाके में खुद बिट्टा गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।

पत्रकारों से बात करते हुए आतंकवादी विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष एमएस बिट्टा रो पड़े। बिट्टा ने कहा कि उनका अब मकसद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कातिलों को फांसी दिलाना है।
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बिट्टा ने बताया, ''1993 में धमाके के बाद जब मैं जख्मी हो गया तो कुछ ही महीने बाद मेरी सुरक्षा हटा ली गई। सरकार यह जवाब दे कि ऐसा क्यों किया गया? यहां तक कि अफजल गुरु मामले में मुझे चुप रहने को कहा गया। मेरे राजनेताओं ने ही मुझे अकेला छोड़ दिया।''

कांगेसी नेताओं पर बिट्टा ने निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मिलने का वक्त नहीं दिया। वहीं कपिल सिब्बल ने तो देविंदर पाल सिंह भुल्लर का केस भी लड़ा। अंबिका सोनी ने अफजल पर चुप रहने को कहा।

बिट्टा ने कहा कि अंबिका सोनी सहित कुछ कांग्रेसी नेता नहीं चाहते हैं कि भुल्लर को फांसी मिले। जितनी भी फांसी रूकी हुई है इसकी वजह वोट बैंक की राजनीति है।
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कांग्रेसी नेताओं पर बिट्टा बोलेः
सोनिया गांधी- मिलने का वक्त नहीं दिया।
अहमद पटेल- मिलने में 2 साल लगते हैं।
कपिल सिब्बल- भुल्लर का केस लड़ा।
अंबिका सोनी- अफजल पर चुप रहने को कहा।
राजीव शुक्ला- बाकी नेताओं से बेहतर।
राहुल गांधी- प्यार से बुलाते तो जरूर जाता।
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