वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते दुनिया के विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों को अपने देश वापस लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए वंदे भारत मिशन के तहत अभी तक कुल 31 उड़ानों से 6037 भारतीयों को वापस लाया जा चुका है।
हालांकि ताजा जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात दो विशेष उड़ानें और आईं। पहली कर्नाटक के मंगलूरू हवाई अड्डे पर उतरी। इसमें 176 भारतीय सवार थे। दूसरी उड़ान दुबई से केरल के कोचीन हवाई अड्डे पर उतरी। इसमें 135 यात्री सवार थे।
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बहरहाल, इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि सात मई 2020 से शुरू हुए मिशन के पहले चरण के तहत अब तक 31 उड़ानों के जरिए 6037 भारतीय नागरिकों को देश वापस लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में कुल 14,800 भारतीयों को वापस लाने की योजना है।
बता दें कि वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया और उसकी सहायक एयर इंडिया एक्सप्रेस 12 देशों में 64 उड़ानों का परिचालन कर रही है। इनमें 42 उड़ानों का परिचालन एयर इंडिया और 24 उड़ानों का परिचालन एयर इंडिया एक्सप्रेस कर रही है। इन 12 देशों में अमेरिका, लंदन, बांग्लादेश, सिंगापुर, सऊदी अरब, कुवैत, फिलीपींस, यूएई और मलयेशिया आदि शामिल हैं।
ऑपरेशन समुद्र सेतु से देश वापस आए 202 भारतीय
वहीं, ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत भारतीय नौसेना के पोत 'आईएनएस मगर' से 202 भारतीय नागरिक मालदीव से स्देवश वापस लाए गए हैं। आईएनएस मगर केरल के कोच्चि हार्बर पर प्रवेश कर चुका है। आईएनएस मगर शाम 5.45 बजे कोच्चि पोर्ट पर पहुंचा। इससे आए नागरिकों में 91 केरल के, 83 तमिलनाडु के और 28 नागरिक अन्य 15 राज्यों से हैं।
आईएनएस मगर को ऑपरेशन समुद्र सेतु के दूसरे चरण में तैनात किया गया है। पहले चरण में आईएनएस जलश्व से 10 मई को 698 भारतीय नागरिकों को मालदीव से लाया गया था। वहीं, एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि 15 मई को आईएनएस जलश्व 700 लोगों को मालदीव से लेकर आएगा।