सुनीता विलियम्स
- फोटो : X/Nasa
गौरतलब है कि लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के कारण अंतरिक्ष यात्रियों, विशेषकर महिलाओं के स्वास्थ्य पर कई तरह के असर होते हैं। वजन कम होना, मांसपेशियों का टूटना, हड्डियां कमजोर होना, आंखों और हृदय से जुड़ी परेशानी होना कुछ आम समस्याए हैं। गुर्दे में पथरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अंतरिक्ष में उड़ान के दौरान महिला अंतरिक्ष यात्रियों का वजन पुरुषों की तुलना में अधिक कम होता है। ऐसा मांसपेशियों में बदलाव के कारण होता है।
कुछ हफ्ते पहले अंतरिक्ष से अमेरिका लौटे अंतरिक्ष यात्री, सेहत से जुड़ी चिंता उभरी
यह पूरा मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत का एक और मामला अमेरिका से ही सामने आया था। क्रू-8 मिशन के लिए आठ महीने तक आईएसएस पर रहे यात्री जब धरती पर लौटे तो नासा के इस अंतरिक्ष यात्री को कुछ समय के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। नासा द्वारा रिपोर्ट के अनुसार एक अंतरिक्ष यात्री को रात भर निगरानी में रखा गया, लेकिन पहचान का खुलासा नहीं किया गया। अगले दिन जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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