पेट्रोल से महंगा बिक रहा दूध
पिछले साल 30 अगस्त को, श्रीलंका सरकार ने मुद्रा मूल्य में भारी गिरावट के बाद राष्ट्रीय वित्तीय आपातकाल की घोषणा की थी और उसके बाद खाद्य कीमतों में काफी तेज बढ़ोतरी हुई। इस संबंध में बीते दिनों आई एक रिपोर्ट में देश में महंगाई को आंकड़ों के साथ पेश किया गया था। जनवरी में आई इस रिपोर्ट में बताया गया था कि नवंबर 2021 से दिसंबर 2021 के बीच महज एक महीने के भीतर ही श्रीलंका में खाद्य वस्तुओं की महंगाई 15 प्रतिशत बढ़ गई थी।
इसके बाद जो हालात बने उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में एक किलो मिर्च की कीमत 710 रुपये हो गई, एक ही महीने में मिर्च की कीमत में 287 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं बैंगन की कीमत में 51 फीसदी बढ़ी, तो प्याज के दाम 40 फीसदी तक बढ़ गए। एक किलो आलू के लिए 200 रुपये तक चुकाने पड़े।
यही नहीं, एक लीटर पेट्रोल की कीमत 254 रुपए है, जबकि एक लीटर दूध 263 रुपये में बिक रहा है। लोगों को एक ब्रेड का पैकेट भी 0.75 डॉलर (150) रुपये में खरीदना पड़ रहा है। यहीं नहीं एक किलोग्राम चावल और चीनी की कीमत 290 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। मौजूदा समय में एक चाय के लिए लोगों के 100 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।