फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुलदीप सेंगर प्रकरणः डीएम बोले- शव का पोस्टमार्टम ही शंका समाधान का रास्ता, नहीं बनी बात

Sun, 26 Aug 2018 12:04 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
मृतक यूनुस के घर के बाहर बैठे एसडीएम व पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला
उन्नावः विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में किशोरी के पिता से मारपीट की घटना में गवाह यूनुस के शव का प्रशासन ने शनिवार को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया। डीएम की अनुमति के बाद सुबह करीब 10 बजे दो एसडीएम, एएसपी, सीओ और कई थानों की फोर्स गांव पहुंची। कब्र खोदकर शव निकालने को मजहब के खिलाफ बताते हुए घरवालों ने कड़ा विरोध किया। अधिकारियों ने काफी कोशिश की लेकिन वह तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों ने अपने आक्रोश का प्रदर्शन भी किया। शाम पांच बजे तक एएसपी एपी सिंह और एसडीएम हसनगंज सूरज कुमार यादव समझाने के बाद भी घर वाले शव को कब्र से निकलवाने को तैयार नहीं हुए। शाम करीब 5:40 बजे एडीएम बीएन यादव और एसपी हरीश कुमार गांव पहुंचे। जिला प्रशासन यूनुस के शव को कब्र से निकलवाने और पोस्टमार्टम कराने की कोशिशों में जुटा है। शाम 6 बजे भारी पुलिस और पीएसी बल को जुटा लिया गया है। एडीएम ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम जरूर कराया जाएगा।

 
विज्ञापन

2 of 4
थाने में मृतक यूनुस के भाई रहीम बक्स की हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में पीड़ित किशोरी के पिता के साथ 3 अप्रैल 2018 को हुई मारपीट के गवाह यूनुस की 18 अगस्त को मौत हुई थी। किशोरी के चाचा ने विधायक पक्ष पर साजिशन हत्या का आरोप लगाया था। गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर सवाल उठाए तो मामला सुर्खियों में आ गया। सीबीआई के गवाह यूनुस की मौत पर सवाल खड़े होने लगे तो मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए एसपी ने डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय से शव का पोस्टमार्टम कराने की अनुमति मांगी।

 
विज्ञापन

3 of 4
मृतक यूनुस के घर पर शव का पीएम कराने के लिए परिजनों को समझातीं एसडीएम सदर,एसडीएम हसनगंज व अन्य - फोटो : अमर उजाला
डीएम की अनुमति के बाद शनिवार सुबह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शव निकलवाने के लिए माखी थाने पहुंचे। एसडीएम सदर पूजा अग्हिनोत्री, हसनगंज सूरज कुमार यादव, सीओ विवेक रंजन राय, एसओ जावेद अख्तर, मो. अशरफ माखी थाने पहुंचे। कब्र खोदने और शव निकलवाने के लिए दो श्रमिकों को भी बुला लिया गया। एसडीएम और सीओ ने यूनुस की पत्नी शबीना खातून, भाई जान मोहम्मद, रसूल, वलीम, रहीम और यूसुफ से बातचीत कर यूनुस के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सहमत करने का प्रयास किया लेकिन घर वाले किसी भी सूरत में शव को कब्र से निकलवाने को तैयार नहीं हुए।  
विज्ञापन

4 of 4
मृतक यूनुस के घर पर मौजूद परिजन व रिश्तेदार - फोटो : अमर उजाला
प्रयास के बाद भी बात नहीं बनी तो एसडीएम सदर दोपहर करीब 12 बजे लौट गईं। हालांकि एसडीएम हसनगंज और एएसपी एपी सिंह माखी थाने में ही मौजूद रहे। घर वालों को मनाने की कोशिश करते रहे लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुई। देर शाम एडीएम बीएन यादव और एसपी हरीश कुमार माखी थाने पहुंचे और देखते ही देखते कई सीओ और कई थानों की फोर्स पहुंची और पूरा गांव छावनी बन गया। एडीएम बीएन यादव ने बताया कि यूनुस की मौत को लेकर संदेहजनक बातें और आरोप लग रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम ही शंका समाधान का एक रास्ता है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें