फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घुटनों पर बगदादी: कभी भारत पर कब्जे का था सपना, पीएम मोदी को बताया था हथियारों का पुजारी

Fri, 03 Mar 2017 11:34 AM IST
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह
विज्ञापन
1 of 6
इराक में गठबंधन सेना से आईआईएस ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मोसुल शहर पर अब अमेरिका के सहयोग वाली इराकी सेना का कब्जा है। जो आतंकी बचे रह गए हैं, उन्हें उनके आका बगदादी ने उनके देश लौटने या खुद को उड़ा लेने को कहा है। यह खबर दुनिया को राहत देने वाली है, क्योंकि आतंक की इस फैक्ट्री के सपने बहुत बड़े थे। इसमें पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर कब्जे की ख्वाहिश थी। बगदादी दुनिया को कुछ ऐसा बनाना चाहता था। 

आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, क्या थे आईएस के वो खतरनाक मंसूबे? कैसी दुनिया बनाना चाहता था बगदादी? क्या थी उसकी योजना? 
विज्ञापन

घुटनों पर बगदादी: रोम से लेकर भारत तक ये थे खतरनाक मंसूबे

2 of 6
Now, Baghdadi himself has fled Mosul: Britain
इस्लामिक स्टेट यानी आईएस ने जब पहली बार अपना घोषणा पत्र जारी किया था तब उसमें भारत एक मुख्य टार्गेट देश था। संगठन पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को कब्जाना चाहता था। वह पीएम मोदी का घोर दुश्मन था, जिसने पीएम को हथियारों का पुजारी तक बताया था। संगठन ने मुसलमानों से मोदी के खिलाफ जंग लड़ने की अपील की थी। हालांकि उसकी कोशिश परवान तक नहीं चढ़ पाई।
विज्ञापन

घुटनों पर बगदादी: रोम से लेकर भारत तक ये थे खतरनाक मंसूबे

3 of 6
- फोटो : getty
बगदादी की विचारधारा को दुनिया में फैलाना चाहता था। उसका लक्ष्य रोम पर भी कब्जा करना था। वह रोम को इस्लाम और ईसाई धर्म के बीच संघर्ष के शहर के तौर पर देखता था। उसे लगता था कि ईसाई धर्म का खात्मा इस्लाम को फैलाने के लिए जरूरी है। 

 

घुटनों पर बगदादी: रोम से लेकर भारत तक ये थे खतरनाक मंसूबे

4 of 6
बगदादी का संगठन मारो, भागो और छुपो की रणनीति के तहत काम करता है। संगठन का मकसद है कि आतंकियों की तलाश में लाखों-करोड़ों रुपये फूंके जाएं। वह काफी हद में इसमें कामयाब रहा है। बेल्जियम में हमले के बाद कामकाज ठप पड़ा था और देश को रोजाना 5 करोड़ 30 लाख यूरो का नुकसान हुआ था। 

 
विज्ञापन

घुटनों पर बगदादी: रोम से लेकर भारत तक ये थे खतरनाक मंसूबे

5 of 6
युवाओं की फौज तैयार करने के लिए बगदादी ने युवकों को हूर और जन्नत मिलने के सपने दिखाए थे। कई उसके झांसे में आए, लेकिन धीरे-धीरे असलियत सामने आती गई। हालात यह हैं कि अब उसे जबरन लड़ाकों को कैदी बनाकर रखना पड़ रहा है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
बगदादी का कच्चा चिट्ठा
- 29 जुलाई 1971 को इराक के सामर्रा में जन्मा।
- बगदाद के इस्लामी विज्ञान विश्वविद्यालय से इस्लामी विज्ञान में मास्टर डिग्री फिर पीएचडी किया।
- 04 अक्तूबर 2011 को अमेरिका ने प्रतिबंधित सूची में शामिल करते हुए एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया।
- 16 दिसंबर 2016 को राशि बढ़ाकर ढाई करोड़ अमेरिकी डॉलर कर दी गई। 2003 में अमेरिकी आक्रमण के दौरान उसने अमेरिकी फौज के खिलाफ लड़ा।
- 2005 से 2009 तक जेल में रहा। 2010 में वह अलकायदा का कमांडर बन गया और 2014 में बगदादी ने खुद को खलीफा घोषित किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें