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Pakistan: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने क्यों कहा कि हमने भारत से युद्ध करके सबक सीख लिया? जानें इसके मायने

Tue, 17 Jan 2023 02:43 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरहद पर तनाव के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस बयान ने सबको चौंका दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर शहबाज शरीफ के इस बयान के मायने क्या हैं? क्या वाकई में पाकिस्तान अब भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है? क्या आने वाले समय में दोनों देशों के बीच स्थिति में सुधार होगा? 
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शहबाज शरीफ - फोटो : facebook/ShehbazSharif
महंगाई, आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत से युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत से तीन युद्ध के बाद हम (पाकिस्तान) सबक सीख चुके हैं। अब शांति चाहते हैं। 

सरहद पर तनाव के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस बयान ने सबको चौंका दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर शहबाज शरीफ के इस बयान के मायने क्या हैं? क्या वाकई में पाकिस्तान अब भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है? क्या आने वाले समय में दोनों देशों के बीच स्थिति में सुधार होगा? 
 
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। - फोटो : ANI
पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पूरा बयान जान लीजिए
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है। शहबाज ने अंतरराष्ट्रीय अरबी न्यूज चैनल अल अरेबिया को दिए इंटरव्यू में कहा, 'भारतीय प्रबंधन और पीएम मोदी को मेरा संदेश सिर्फ इतना है कि हम एक साथ बैठें और कश्मीर समेत आपसी मसलों पर बातचीत करें। हमें एक-दूसरे से झगड़े बिना एक दूसरे के साथ आगे बढ़ना है न कि समय और संपत्ति को झगड़े में बर्बाद करना है।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमनें भारत के साथ तीन युद्ध लड़े हैं और ये अतिरिक्त परेशानियों और बेरोजगारी की वजह बने हैं। हमने इनसे सबक ले लिया है और अब हम शांति से रहना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए पहले हमें अपने वास्तविक मसलों को सुलझाना होगा।' शरीफ ने आगे कहा कि दोनों देश परमाणु संपन्न देश हैं और दोनों के पास हथियार हैं। अब अगर कोई युद्ध हुआ तो फिर किसका अस्तित्व बचेगा किसका नहीं, यह कोई नहीं जानता है।
 
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अपने ही घर में घिरे हैं शहबाज शरीफ
पाकिस्तान में इन दिनों आर्थिक स्थिति काफी खराब चल रही है। लोग दाने-दाने को मोहताज हैं। पूरे देश में आटे की कमी हो गई है। लोग एक-एक किलो आटे के लिए एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। गैस-सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, सब्जियां और फल सब महंगा हो गया है। इसके चलते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने ही घर में घिरे हुए हैं। जनता से लेकर मीडिया तक पाकिस्तान सरकार पर निशाना साध रही है। 



शरीफ के बयान से पहले पाकिस्तान के दो बड़े अखबारों ने पाकिस्तान सरकार को आड़े हाथों लिया था, जबकि भारत की तारीफ की थी। अखबारों ने लिखा था कि देश में संकट गहराता जा रहा है और शरीफ को दुनिया के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे हैं लेकिन भारत दिन-रात तरक्की की नई कहानी लिखने में लगा हुआ है।
 

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शहबाज शरीफ - फोटो : अमर उजाला
शहबाज शरीफ के बयान के क्या हैं मायने? 
इसे समझने के लिए हमने पाकिस्तान के सिंध में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार और सिंध के सामाजिक कार्यकर्ता सज्जाद अली से बात की। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान इस वक्त सबसे बुरी स्थिति में है। लोग भूख से मर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य की तो बात ही नहीं हो रही है। ऐसे समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का शांति वार्ता को लेकर बयान आना वाजिब है। पाकिस्तान की सरकार अपनी जनता के बीच घिरी हुई है। इस साल के अंत तक यहां चुनाव होना है। ऐसे में अगर यही हालात रहे तो शहबाज शरीफ और उनकी पार्टी को समर्थन देने वाली पार्टियां कभी सत्ता में वापसी नहीं कर पाएंगी। इसलिए शहबाज शरीफ कुछ भी करके इस स्थिति से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।'

 
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शहबाज शरीफ - फोटो : अमर उजाला
सज्जाद आगे कहते हैं, 'दुनिया के सभी बड़े देशों से पाकिस्तान कर्ज ले चुका है। चीन के कर्ज तले तो पूरा पाकिस्तान ही दबा हुआ है। स्थिति ये है कि चीन ने अपने कर्ज की बदौलत पाकिस्तान पर कब्जा करना शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर पाकिस्तान सरकार अपने लोगों को खाने-पीने के लिए राहत देना चाहती है तो उसे भारत के साथ फिर से कारोबार शुरू करने होंगे। भारत के साथ कारोबार शुरू होने पर ही पाकिस्तान में स्थिति सुधर सकती है। शहबाज शरीफ का बयान इसी ओर इशारा कर रहा है। पाकिस्तान की सरकार ये जान चुकी है कि बगैर भारत की मदद के वह अपने लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं दे सकती है। इसलिए कुछ भी करके शहबाज शरीफ फिर से दोनों देशों के बीच कारोबार शुरू करवाने की कोशिश में जुटे हैं।'

 
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शहबाज शरीफ और पीएम मोदी। - फोटो : Amar Ujala
विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल ने कहा, 'पाकिस्तान को इस बात का एहसास है कि बगैर चीन की मदद के वह भारत के साथ जंग लड़ना तो दूर, आंख भी नहीं दिखा सकता है। लेकिन सीधे चीन की मदद भी नहीं ले सकता। एक तरफ भारत तेजी से तरक्की कर रहा है तो दूसरी ओर पाकिस्तान की हालत उतनी ही खराब होती जा रही है। पाकिस्तान को अभी फौरी तौर पर बड़ी राहत की जरूरत है। वहां आटे, चावल व अन्य खाद्य पदार्थों का बड़ा संकट उभर आया है।'

 
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और इमरान खान। - फोटो : सोशल मीडिया
आदित्य के अनुसार, ‘अगर उन्हें इस मुश्किल दौर से कोई बाहर निकाल सकता है तो वह भारत है। भारत पूरे पाकिस्तान के खाद्य पदार्थों की जरूरतें पूरी कर सकता है। इसलिए शहबाज शरीफ का ये बयान अपने ही देश को बचाने के लिए दिया गया है। वह भारत को लेकर दिए गए बिलावल भुट्टो के बयान को हल्का करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि भारत उन्हें मदद देने को तैयार हो जाए।’
 
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आगे क्या होगा? 
डॉ. आदित्य कहते हैं, 'पाकिस्तान की तरफ से बैक डोर पर लगातार दोनों देशों के बीच फिर से कारोबार शुरू करने की कोशिशें हो रहीं हैं। संभव है कि आने वाले समय में पाकिस्तान इसपर अपनी कोशिशों को और तेज कर दे। पाकिस्तान किसी भी हालत में भारत से मदद चाहता है। श्रीलंका पर जब आर्थिक संकट आया था, तब भारत ने हर तरह से मदद की थी। भारत की मदद के चलते ही श्रीलंका में स्थिति सामान्य हो पाई। पाकिस्तान ये समझ रहा है।'
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