चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले 10 दिन से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाई दिए हैं। 16 सितंबर को आखिरी बार उन्हें उज्बेकिस्तान में हुई एससीओ बैठक में देखा गया था। इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे। चीन लौटने के बाद से शी जिनपिंग किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं शामिल हुए। यहां तक चीन की मीडिया उनसे जुड़ी कोई खबर भी नहीं जारी कर रही है।
इस बीच, चीन से अमेरिका भाग चुके पत्रकार झाओ लांजियन ने एक ट्वीट से सनसनी फैला दी। उन्होंने लिखा कि चीन में कुछ बड़ा होने वाला है। बड़ी संख्या में चीनी फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी सामने आए, इनमें चीन की सड़कों पर सेना की गाड़ियां मूवमेंट करते हुए दिखाईं दीं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहा जाने लगा शी जिनपिंग को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। अब खबर आ रही है कि 16 अक्तूबर को चीन में कुछ बड़ा हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि चीन में अभी क्या हो रहा है? क्या सच में शी जिनपिंग हटाए जा सकते हैं? 16 अक्तूबर को क्या होने वाला है?
कहां गए शी जिनपिंग?
16 सितंबर को उज्बेकिस्तान में हुई एससीओ बैठक में शी जिनपिंग को आखिरी बार देखा गया। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला। चीन की मीडिया में भी उनको लेकर कोई खबर नहीं जारी की जा रही है। जिनपिंग को लेकर अभी तीन बातें सामने आ रहीं हैं।
1. क्वारैंटीन हुए? : विदेश यात्रा से लौटने के बाद शी जिनपिंग क्वारैंटीन हो गए हैं। चीन में कोरोना से जुड़े नियम सख्ती से लागू होते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति शी जिनपिंग खुद इसका पालन कर रहे होंगे। यही कारण है कि वह इन दिनों किसी से मुलाकात नहीं कर रहे हैं और न ही किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहे। हालांकि, इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री भी पहुंचे थे, लेकिन वह चीन आने के बाद कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं।
2. बीमार हो गए? : दूसरी अटकल लगाई जा रही है कि शी जिनपिंग की तबियत खराब हो गई हो। उन्हें पहले से सेरेब्रल एनसम (cerebral aneurysm) की बीमारी है। इस बीमारी में अक्सर इंसान को दिखना बंद हो जाता है। आंखों और सिर में हमेशा दर्द बना रहता है। चेहरे का एक साइड कमजोर हो जाता है। इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति अपना बैलेंस खोने लगता है, हर चीज भूलने लगता है। कुछ समझने में भी उसे दिक्कत होती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन साल में उनकी ये बीमारी काफी बढ़ गई है। उन्हें डॉक्टर्स ने ऑपरेशन के लिए बोला था, लेकिन वह नहीं माने। अभी परंपरागत तरीके से उनका इलाज चल रहा है। संभव है कि बीमारी के चलते उन्होंने पब्लिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली हो।
3. तो क्या सच में हाउस अरेस्ट कर लिए गए?: आखिरी आशंका यही है कि संभव है कि चीन में तख्तापलट का प्लान हो और इसी के चलते शी जिनपिंग को हाउस अरेस्ट कर लिया गया हो। ऐसा इसलिए भी कहा जाने लगा है क्योंकि इस तरह की बातें फैलने के बाद भी चीन की तरफ से कोई सफाई पेश नहीं की गई। यहां तक की चीन की सरकारी मीडिया ने भी इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं की।
16 अक्तूबर को क्या होने वाला है?
शी जिनपिंग को लेकर चल रहे तमाम कयासबाजी के बीच एक खबर ये भी है कि 16 अक्तूबर को चीन की सत्ताधारी पार्टी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) की एक अहम बैठक होने वाली है। बताया जाता है कि इस बैठक में या तो शी जिनपिंग को हटाने का फैसला होगा या फिर उनका कार्यकाल बढ़ाने पर। दोनों को लेकर ही दावे किए जा रहे हैं। जिनपिंग 2012 में पार्टी के महासचिव बने थे। मार्च 2013 में जिनपिंग ने हू इन की जगह ली और चीन के सातवें राष्ट्रपति बनाए गए। हू इन ने भी 10 साल तक राष्ट्रपति का पदभार संभाला था। हू इन से पहले जियांग जेमिन भी दस साल तक चीन के राष्ट्रपति रहे। अगर कार्यकाल के पैटर्न से समझें तो पिछले तीन बार से चीन के एक राष्ट्रपति को 10 साल का कार्यकाल ही मिल रहा है। ऐसे में अगले साल मार्च तक शी जिनपिंग को भी हटाया जा सकता है। इसको लेकर 16 अक्तूबर को होने वाली बैठक में फैसला लिया जा सकता है।