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जेनेवा में कश्मीर-कश्मीर चिल्ला रहे पाकिस्तान की इस तरह हुई 'अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती', देखें तस्वीरें

Wed, 11 Sep 2019 10:38 AM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
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बलूचों का विरोध - फोटो : ANI
जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कश्मीर-कश्मीर चिल्ला रहे पाकिस्तान की तब अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती हो गई जब उनके ही देश के लोगों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर पाकिस्तानी सरकार और सेना के अत्याचारों को उजागर कर दिया। बलूच मानवाधिकार परिषद और पश्तूनों ने पाकिस्तानी अत्याचार के खिलाफ दुनिया का ध्यान खींचने के लिए कार्यक्रम स्थल के बाहर बैनर पोस्टर लगाए। 

 
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बलूचों का विरोध - फोटो : ANI
बलूच संगठनों ने 'द ह्यूमैनिटेरियन क्राइसिस इन बलूचिस्तान' नाम से एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जिसमें पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में दुनिया को जानकारी दी गई।
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बलूचों का विरोध - फोटो : ANI
बलूच मानवाधिकार परिषद के आयोजक रज्जाक बलूच ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार बलूचिस्तान में जो कुछ भी कर रहा है उसे छिपाना चाहती है और कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र में रो रही है, यह पाखंड है। 

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बलूचों का विरोध - फोटो : ANI
उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान एक देश था, क्या पाकिस्तान, मीडिया और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल को जाने और यह पता लगाने की अनुमति देगा कि उन्होंने मेरे देश के साथ क्या किया?
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पश्तूनों ने भी किया विरोध - फोटो : ANI
जेनेवा की सड़कों पर पाकिस्तानी पश्तूनों ने भी सेना के अत्याचार के खिलाफ बैनर-पोस्टर लगाए। 'पाकिस्तान में पश्तून नरसंहार' को उजागर करने वाले पोस्टर।
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पश्तूनों का विरोध - फोटो : ANI
 पाकिस्तानी सेना शांति बनाए रखने के नाम पर बलूच और पश्तून लोगों के अपहरण और हत्या करने में संलग्न है। वहां इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया पर भी कई पाबंदिया हैं। 
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पश्तूनों का विरोध - फोटो : ANI
पाकिस्तान की सरकार और सेना पर बलूच और पश्तून लोगों को प्रताड़ित करने, उनकी हत्या करने और उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने के आरोप लगते रहे हैं।
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पश्तूनों का विरोध - फोटो : ANI
एक रिपोर्ट के मुताबिक, बलूचिस्तान में 46.68 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जिंदगी गुजार रही है। अपनी मांगों को लेकर बलूचिस्तान के लोग पाक सरकार के खिलाफ हैं जिसके विरोध में सेना वहां अमानवीय कार्रवाई कर रही है।
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