फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi Tunnel Rescue: श्रमिकों का संघर्ष हुआ सफल, तस्वीरों में देखें आज के 10 बड़े अपडेट

Tue, 28 Nov 2023 04:30 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, उत्तरकाशी

सार

दिवाली के दिन से उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में कैद 41 श्रमिक कभी भी बाहर निकाले जा सकते हैं। 
विज्ञापन
1 of 10
सुरंग से बाहर लाए गए श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे मजदूरों को एक-एक  करके बाहर निकाला जा रहा है। रेस्क्यू अभियान के 16 दिन बीत चुके हैं आज 17वें दिन मजदूरों को बाहर निकालने  में सफलता मिली है। ऑगर मशीन के फंस जाने के बाद रेस्क्यू टीमों ने रैट होल माइनिंग का सहारा लिया। रैट माइनर टीमों ने वहीं से मैन्युअल ड्रिलिंग शुरू की थी जहां ऑगर मशीन ने काम छोड़ा था। 
 
विज्ञापन

2 of 10
मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान - फोटो : अमर उजाला
दिवाली के दिन से उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में कैद 41 श्रमिक बाहर आ रहे हैं। ऑपरेशन सिलक्यारा की सफलता में कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें बचाव कार्य में लगे मशीन ऑपरेटरों से लेकर केंद्र व राज्य के कई बड़े अधिकारी और पूर्व अफसर भी सूत्रधार रहे।

 
विज्ञापन

सुरंग के अंदर पहुंचे सीएम

3 of 10
सुरंग के अंदर पहुंचे सीएम - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह सुरंग के अंदर जाकर बाहर निकले हैं। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुरंग के अंदर दाखिल हुए हैं। सुरंग के अंदर ड्रिलिंग करने वाली ऑगर मशीन के ऑपरेटर शंभू मिश्रा ने बताया कि एक बजकर 50 मिनट पर जब पाइप आर-पार हुआ तो अंदर फंसे मजदूर खुशी से झूम उठे। उन्होंने हाथ हिलाकर खुशी जताई।

सीएम धामी ने बौखनाग मंदिर में की पूजा

4 of 10
- फोटो : अमर उजाला
उत्तरकाशी की सिलक्यारासुरंग में सफलतापूर्वक पाइप डालने पर सीएम धामी ने रेस्क्यू टीमों को बधाई दी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट करते हुए लिखा बाबा बौखनाग जी की असीम कृपा रही। करोड़ों देशवासियों की प्रार्थना एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी बचाव दलों के अथक परिश्रम के फलस्वरूप श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही सभी श्रमिक भाइयों को बाहर निकाल लिया जाएगा।
विज्ञापन

पांच बजे तक पूरा हो सकता है बचाव अभियान

5 of 10
पांच बजे तक पूरा हो सकता है बचाव अभियान - फोटो : अमर उजाला
माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने कहा, सुरंग में अब दो से तीन मीटर ड्रिलिंग ही बची है। हम शाम पांच बजे तक कुछ परिणाम देखने की उम्मीद कर रहे हैं।
विज्ञापन

चिनूक हेलीकॉप्टर तैनात

6 of 10
चिनूक हेलीकॉप्टर तैनात - फोटो : अमर उजाला
चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर चिनूक हेलीकॉप्टर तैनात कर दिया गया है। टीम का कहना है कि अगर किसी भी मजदूर की तबीयत खराब लगेगी तो तुरंत एयरलिफ्ट कर अस्पताल भेजा जाएगा।
विज्ञापन

सिलक्यारा सुरंग के मुहाने पर एम्बुलेंस

7 of 10
सिलक्यारा सुरंग के मुहाने पर एम्बुलेंस - फोटो : अमर उजाला
टीम ने अब मजदूरों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए वहां एंबुलेंस को भेज दिया है। यहां एम्बुलेंस सिलक्यारा सुरंग के मुहाने पर पहुंची हैं। एसडीआरएफ के जवान सुरंग के अंदर ही श्रमिकों के मेडिकल चेकअप के लिए बेड लेकर जा रहे हैं। फोल्डिंग बेड के साथ तकिए और गद्दे भी पहुंचाए जा रहे हैं।

8 of 10
रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमें - फोटो : अमर उजाला
मजदूर सुरंग में करीब 60 मीटर की दूरी पर फंसे हैं। ऑगर मशीन ने 48 मीटर तक ड्रिलिंग की थी इसके बाद मशीन सुरंग में फंस गई थी। इसे काटकर बाहर निकाला गया इसके बाद रैट माइनर्स ने मैन्युअल खुदाई शुरू की। सोमवार से अब तक चार-पांच मीटर तक खुदाई की जा चुकी है। ऐसे में अब सात से आठ मीटर खुदाई ही बाकी मानी जा रही है।   

दो प्राइवेट कंपनियों की टीमों को लगाया गया

9 of 10
दो प्राइवेट कंपनियों की टीमों को लगाया गया - फोटो : अमर उजाला
उधर, मैन्युअल हॉरिजेंटल ड्रिलिंग के लिए दो प्राइवेट कंपनियों की दो टीमों को लगाया है। एक टीम में पांच एक्सपर्ट हैं, जबकि दूसरी में सात इन 12 सदस्यों को कई टीमों में बांटा गया है। ये टीमें बचे हुए मलबे को बाहर निकालेंगी। इसके बाद 800 एमएम व्यास का पाइप डाला जाएगा। एनडीआरएफ की टीमें इसी के सहारे मजदूरों को बाहर निकालेंगी।  
विज्ञापन

12 नवंबर से फंसे हैं मजदूर

10 of 10
- फोटो : अमर उजाला
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिलक्यारा सुरंग केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारधाम ‘ऑल वेदर सड़क' (हर मौसम में आवाजाही के लिए खुली रहने वाली सड़क) परियोजना का हिस्सा है। ब्रह्मखाल-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही यह सुरंग साढे चार किलोमीटर लंबी है। 12 नवंबर को सुरंग का एक हिस्सा ढह गया इससे मजदूर सुरंग के अंदर ही फंस गए। इन्हें निकलने के लिए 17 दिन से रेस्क्यू अभियान जारी है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें