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उत्तरकाशी में कुदरत का कहर: होटल, घर और दुकानें सैलाब में बहे, चार की मौत; 70 लापता, तस्वीरों में देखें मंजर

Tue, 05 Aug 2025 10:44 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी

सार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच पाते, सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया।
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उत्तरकाशी में फटा बादल - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। पहाड़ से तेजी के साथ नीचे उतरा पानी अपने साथ 20-25 होटल, घर और होम स्टे को बहा ले गया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में बह गया है। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना सामने आई, लेकिन उसमें किसी तरह के नुकसान की अभी जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
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उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद
20 सेकंड में मच गई तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच पाते, सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
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जान बचाकर भागे लोग - फोटो : संवाद
चार की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि चार लोगों की मौत हुई है। होटलों और बाजार में जहां-तहां फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हर्षिल में राहत शिविर स्थापित किया गया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। जमींदोज हुए घरों में लोगों की तलाश की जा रही है। भूस्खलन के चलते रास्ते बंद हैं, इसलिए बचाव दलों को मौके पर पहुंचने पर मुश्किलें आ रही हैं। धराली गंगोत्री धाम के रास्ते में मुख्य पड़ाव है। यहां कई होटल, रेस्टोरेंट और होमस्टे हैं, दो धराली को दो हिस्सों में बांटती खीर गंगा नदी के किनारे बने हैं।

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उत्तरकाशी में आपदा - फोटो : एजेंसी
वीडियो में कैद भयावह मंजर
बादल फटने की घटना के बाद का एक वीडियो सामने आया है। इसमें पहाड़ी से खीर नदी का कीचड़ भरा पानी की तेज धारा धराली गांव की ओर बहता दिखाई दे रहा है। पानी के साथ पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ भी बहते नजर आ रहे हैं। 30 सेकंड से भी कम समय में सैलाब की तरह उतरा पानी नदी के किनारे बने कई घरों, होटलों और रेस्तरां को बहा ले जाता है। यह भयावह दृश्य रूह को कंपा देने वाला है। वीडियो में लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई दे रही है। वीडियो में एक आवाज सुनाई देती है, सब कुछ खत्म हो गया है।
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बचाव अभियान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रभावितों की हर संभव मदद के निर्देश : सीएम
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिला प्रशासन, भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। प्राथमिकता के आधार पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावितों की हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं।
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बचाव अभियान - फोटो : संवाद
केंद्र व वायु सेना से मांगे दो एमआई व एक चिनूक
प्रदेश सरकार की तरफ से केंद्र सरकार व वायु सेना से रेस्क्यू अभियान के लिए दो एमआई और एक चिनूक मांगा गया है। दरअसल लगातार बारिश के कारण हेलिकॉप्टरों की उड़ान में बाधा आ रही है। यूकाडा ने भी बचाव कार्यों के लिए दो निजी हेलिकॉप्टर तैयार रखे हैं। मौसम साफ होते ही वायु सेना हेलिकॉप्टर से राहत पहुंचाएगी।
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उत्तरकाशी में तबाही - फोटो : संवाद
पीएम और गृह मंत्री ने फोन पर ली जानकारी
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने फोन कर घटना के संबंध में जानकारी ली। साथ ही दोनों ने ही केंद्र की ओर से राज्य की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।

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उत्तरकाशी में आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यावसायिक इमारतों को हुआ ज्यादा नुकसान
लोगों का कहना है कि अगर नदी का बहाव सीधे आगे बढ़ता तो गांव की बस्ती को भी भारी नुकसान हो सकता था लेकिन पानी बाजार की ओर मुड़ जाने से सबसे ज्यादा नुकसान व्यावसायिक इमारतों को हुआ है। बताया कि एक बार पानी के साथ मलबा आया और उसके बाद कुछ देर के लिए रुक गया। कुछ देर बाद दोबारा मलबा आया।

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उत्तरकाशी में आपदा के बाद जवान - फोटो : संवाद
हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने 01374222126, 222722 और 9456556431 नंबर जारी किया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार से 01374-222722, 7310913129, 7500737269 टोल फ्री नंबर-1077, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 और टोल फ्री नंबर 1070, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

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उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद
राष्ट्रपति, पीएम व अन्यों की प्रतिक्रियाएं
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना का समाचार अत्यंत दुखद है। पीड़ित परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं और राहत तथा बचाव कार्यों में सफलता की कामना करती हूं। -द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति

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आर्मी कैंप तबाह - फोटो : संवाद
पीएम मोदी ने व्यक्त की संवेदना
उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है। - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
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आर्मी कैंप तबाह - फोटो : संवाद
गृह मंत्री अमिश शाह ने सीएम धामी से की बात
उत्तराखंड के धराली में बाढ़ की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर घटना की जानकारी ली। आईटीबीपी की निकटतम तीन टीमों को वहां भेज दिया गया है, साथ ही एनडीआरफ की चार टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं, जो शीघ्र पहुंचकर बचाव कार्य में लगेंगी। -अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

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