फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cloudburst: आगाह करने के लिए बजाई सीटियां...जलप्रलय के शोर में दब गई अवाज, जिंदा दफन हुए लोग, दिखा भयावह मंजर

Tue, 05 Aug 2025 09:43 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

सार

Uttarkashi Cloudburst News: जैसे ही पहाड़ी से खीर गंगा में पानी के साथ मलबे का गुबार नीचे की तरफ आया। वहां के ग्रामीणों ने धराली के लोगों को आगाह करने के सीटियां बजानी शुरू कीं। लेकिन लोग उसे भांप ना पाए।
विज्ञापन
1 of 5
जान बचाकर भागे लोग - फोटो : संवाद
उत्तरकाशी के धराली में आए सैलाब में गांववालों ने लोगों को आगाह करने के लिए लगातार सीटियां बजाईं, फिर भी तमाम लोग भरसक कोशिश करने के बाद भी मौत के आगोश में खो गए। कई लोग जिंदगी बचाने के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करते रहे। वीडियो में कई लोग मलबे में दबते दिखे। बचे लोग पहाड़ी पर बैठकर अपने ईष्ट देवी-देवताओं से अपनों की सुरक्षा की प्रार्थना करते रहे।

धराली की खीर गंगा में सैलाब आते ही इसकी सबसे पहले जानकारी सामने स्थित मुखबा गांव के ग्रामीणों को मिली क्योंकि मुखबा से धराली गांव के ऊपर क्षेत्र की पहाड़ियां दिखती हैं। जैसे ही पहाड़ी से खीर गंगा में पानी के साथ मलबे का गुबार नीचे की तरफ आया। वहां के ग्रामीणों ने धराली के लोगों को आगाह करने के सीटियां बजानी शुरू कीं। उसके बाद कुछ लोग तो घरों और होटलों से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थानों की तरफ भाग गए थे, लेकिन कुछ लोग खतरे को भांप नहीं पाए और मलबे में दब गए।

Uttarkashi Cloudburst: लगातार तीन नालों में फटे बादल, हर्षिल हेलिपैड और आर्मी कैंप तबाह, आठ से 10 जवान लापता
विज्ञापन

2 of 5
उत्तरकाशी में आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कई लोग सैलाब से बचने की कोशिश अंतिम दम तक संघर्ष करते रहे। उसके बाद पूरा मलबा बाजार में घुसने के कारण कई लोग होटलों और बगीचों में फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची हर्षिल पुलिस और सेना ने कई लोगों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं धराली में देर शाम तक खीर गंगा के दूसरी ओर भी लगातार मलबा आने के कारण आवासीय बस्ती के लिए खतरा हो गया है।
विज्ञापन

3 of 5
उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद
खीर गंगा में कई बार जलस्तर बढ़ने के कारण वहां पर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान हुआ था। वहां पर नदी का जलग्रहण क्षेत्र कम होने और तेज ढाल की वजह से पानी तेजी से नीचे की ओर आता है। इसीलिए मंगलवार को बादल फटने के बाद मलबा और पानी तेजी से धराली बाजार तक पहुंचा, जिससे किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

4 of 5
उत्तरकाशी में तबाही - फोटो : संवाद
धराली में खीर गंगा में यह पहली बार नहीं हुआ कि उसका जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्र को नुकसान हुआ है। इसके बाद भी स्थानीय लोग नहीं चेते और न ही शासन-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए। हालांकि वर्ष 2023 में खीर गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण वहां पर कई दिनों तक गंगोत्री हाईवे भी बंद रहा था। साथ ही दुकानों और होटलों को भी नुकसान हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
उत्तरकाशी खीरगंगा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसके बाद वहां पर सुरक्षात्मक कार्य तो हुए लेकिन नदी का स्पैन कम होने के कारण वह विनाशकारी आपदा को नहीं रोक पाया। इससे पूर्व वर्ष 2017-18 में भी खीरगंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण होटलों, दुकानों और कई घरों में मलबा घुसा था। उस समय भी आपदा से उभरने में लोगों को करीब एक वर्ष का समय लग गया था। हालांकि उस समय किसी प्रकार की जिंदगी को नुकसान नहीं हुआ था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें