पिथौरागढ़ जिले में मौसम ने अचानक करवट बदली। जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश तो धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों और मुनस्यारी में मौसम का पहला हिमपात हुआ। बारिश और बर्फबारी से जिले का तापमान लुढ़क गया जिससे कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।
जिला मुख्यालय में न्यूनतम तापमान तीन तो मुनस्यारी में माइनस-एक डिग्री पहुंच गया है। चीन सीमा से सटे दारमा, चौदास और व्यास घाटी के साथ हिमनगरी मुनस्यारी ने बर्फ की सफेद चादर बिछी है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटक भी खुश हैं। वहीं काले पड़ी हिमालय शृंखलाओं ने भी फिर से बर्फ की सफेद चादर ओढ़ी है इससे मौसम विज्ञानी और पर्यावरण प्रेमियों के चेहरे पर खुशी है।
सोमवार सुबह मौसम का मिजाज बदल गया। जिला मुख्यालय के साथ ही कनालीछीना, देवलथल, तेजम, अस्कोट आदि स्थानों पर बारिश तो धारचूला में चीन सीमा से सटे दारमा, चौदास, व्यास घाटी के अलावा मुनस्यारी में बर्फबारी हुई। धारचूला की घाटियों में एक फुट तो मुनस्यारी में छह इंच बर्फ गिरी।
जिला मुख्यालय के नजदीक चंडाक, थलकेदार और कनालीछीना में ध्वज की पहाड़ी पर हल्की बर्फबारी हुई इसका असर जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में रहा। बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान गिर गया। जिला मुख्यालय में न्यूनतम तापमान तीन, दारमा, व्यास, चौदास घाटियों में माइनस-दो तो मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस-एक डिग्री रिकार्ड किया गया। पारा लुढ़कने से जिले भर में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।
पूरे दिन शीतलहर चलती रही और लोगों को ठंड से बचने के लिए हीटर, ब्लोवर और आग का सहारा लेना पड़ा। ठिठुरन बढ़ने से लोग घरों में दुबके रहे और बाजारों में रौनक कम रही। नाचनी क्षेत्र में बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। लंबे समय से सूखे जैसे हालात होने से किसान फसलों के उत्पादन को लेकर चिंतित थे। किसानों को इस बारिश से फसलों में सुधार की उम्मीद है।