पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित खबरों के लिटिल मास्टर प्रतियोगिता के प्रथम तीन विजेताओं को राज्यपाल ले ज गुरमीत सिंह ने प्रमाण पत्र, ट्राफी और चैक देकर पुरस्कृत किया। आइए जानें तीनों विजेताओं की सफलता की कहानी, इनकी जुबानी।
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न्यूज रीडिंग प्रतियोगिता के विजेता प्रथम स्थान प्राप्त दीपांशु, द्वितीय स्थान प्राप्त दिव्यम व तृतीय स्थान प्राप्त यथार्थ मेहरा।
- फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल ने सात अप्रैल को पंतनगर विश्वविद्यालय में अमर उजाला के लिटिल मास्टर न्यूज रीडिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। सम्मानित बच्चों ने इस जीत के लिए की गई मेहनत और तैयारियों को लेकर अपनी बात बताई। उन्होंने कहा कि जीवन में परिश्रम ही सफलता का मंत्र है। सभी विजेताओं ने अपनी सफलता का राज कुछ इस तरह बयां किए। आइये पढ़ते हैं इनकी जुबानी इनकी सफलता की कहानी।
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राज्यपाल ले ज गुरमीत सिंह से सम्मान पाते प्रथम विजेता दीपांशु गहतोड़ी।
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प्रथम पुरस्कार विजेता दीपांशु गहतोड़ी ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि हमें निरंतर अध्ययन करते रहना चाहिए। अमर उजाला ने लाखों बच्चों को प्रेरणा देने का काम किया है। अखबार पढ़ने से स्मरण शक्ति तेज होगी। सामान्य ज्ञान भी बढ़ेगा। भाषा, वर्तनी शुद्ध होने के साथ परीक्षाओं में भी मदद मिलेगी और मोबाइल की लत भी छूटेगी।
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न्यूज रीडिंग प्रतियोगिता के द्वितीय विजेता दिव्यम अग्रवाल राज्यपाल से सम्मान प्राप्त करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला न्यूज रीडिंग प्रतियोगिता के पहल की सराहना करते हुए दिव्यम अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की गतिविधिया बच्चों को पढ़ाई की तरफ ले जाती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अखबार पढ़ना बहुत जरूरी है। यह सिर्फ एक प्रतियोगिता जीतने के लिए नहीं बल्कि जीवन के सर्वागीण विकास के लिए भी जरूरी है। उनका मानना है कि ऐसी मुहिम हर शिक्षण संस्थान में चलनी चाहिए। अखबार के माध्यम से हिंदी लेखन में सुधार तो होता ही है साथ ही देश-दुनिया की जानकारी भी मिलती है।
प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पर रहे यथार्थ मेहरा को सम्मानित करते राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह।
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प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पर रहे यथार्थ मेहरा ने कहा कि प्रतियोगिता जीतना एक बात है लेकिन जीवन में आगे बढ़ने के लिए अखबारों के महत्व को बताते हुए कहा कि अखबार में देश-दुनिया के बारे में बहुत सी जानकारियां मिलती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अखबार पढ़ने की सलाह दी। कहा कि हमारी अखबार पढ़ने की यह आदत हमें भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयारी करने में भी मददगार बनेगा।