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UP: फट गए थे सिर, हाथ-पैर की हड्डियां भी टूटीं, रफ्तार और बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली ने खत्म कीं 4 जिंदगियां

Tue, 17 Mar 2026 02:50 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मनकरा मोड़ के पास सोमवार सुबह करीब 6.15 बजे तेज रफ्तार कार अचानक आगे आई ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। इस हादसे में नैनीताल बैंक के दिल्ली रीजन के मैनेजर समेत चार लोगों की मौत हो गई।
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मुरादाबाद हादसे में चार लोगों की जान गई - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एक्सीडेंट जोन बन चुके मनकरा मोड़ कट पर सोमवार की सुबह फिर चार जिंदगियां खत्म हो गईं। मनकरा लिंक मार्ग से आने वाले वाहन अक्सर रामपुर की ओर से आने वाले वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते हैं। सोमवार की सुबह भी ऐसा ही कुछ हुआ। 

बताया जा रहा है कि ईंट लदी बिना नंबर प्लेट की ट्रैक्टर ट्रॉली कट से जैसे ही हाईवे पर चढ़ी तो करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार से आ रही कार उसमें पीछे से घुस गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के तो परखच्चे उड़ गए साथ ही ट्रॉली की ईंटें भी दूर तक हाईवे पर फैल गईं।  

हल्द्वानी निवासी योगा टीचर यशदीप पांडे सोमवार की सुबह अपनी कार में नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत, इंजीनियर भुवन भंडारी, सीनियर एकाउंटेंट सुंदर सिंह और अनिल नेगी को बैठाकर नोएडा जा रहे थे। चालक ने पुलिस को बताया कि कार की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रही होगी। जब कार मूंढापांडे थाने के पास मनकरा मोड़ के पास पहुंची। 
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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
एक्सीडेंट जोन बन चुके मनकरा मोड़ कट पर अचानक ट्रैक्टर ट्रॉली आ गई। यशदीप पांडे कार को रोक पाते। उससे पहले ही कार पीछे से घुस गई। जानलेवा बन चुके इस कट को बंद करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी कई बार मुआयना कर चुके हैं। बैठकें हो चुकी हैं लेकिन न तो कट बंद हुआ और न ही यहां हादसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। 

इसी का नतीजा है कि सोमवार की सुबह फिर चार जिंदगियां खत्म हो गईं। हैरानी की बात है कि इस ट्रैक्टर ट्रॉली की वजह से हादसा हुआ है वह बिना नंबर प्लेट के धड़ल्ले से दौड़ रही थी। चालक ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़कर भाग गया लेकिन अब तक चालक का पता चल पाया है। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने मुआयना किया और हादसे का सही कारण जानने का प्रयास किया।
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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
उन्होंने आस पड़ोस के लोगों और पुलिस कर्मियों से बात की। तब सामने आया है कि लिंकरोड से  अचानक आने वाले वाहन रामपुर की ओर से आने वाहन चालक को दिखाई नहीं देते हैं। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से बात की और कट बंद करने और यहां फ्लाई ओवर बनाए जाने पर चर्चा भी की है।

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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
पहले इस कट पर हो चुके हैं हादसे
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मनकरा मोड़ कट पर पहले भी हादसे को चुके हैं। पुलिस प्रशासन के रिकार्ड में यह ब्लैक स्पॉट है बावजूद इसके यहां हादसे रोकने को पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में यहां अज्ञात वाहन की टक्कर से किसान की मौत हो गई थी। इसके बाद फरवरी 2026 में ही तेजपाल नाम के युवक की मौत हो गई थी। इससे पहले जुलाई 2024 में मनकरा मोड़ के पास ही रोडवेज बस की टक्कर से कार सवार एक ही परिवार के पांच लोगों की जान चली गई थी। इसी साल कोहरे में सात वाहन आपस में भिड़ गए थे जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। 18 दिसंबर 2025 को तेज रफ्तार टेंपो के सामने नीलगाय के टकराने के बाद वह पलटा गया था। हादसे में मजदूर की मृत्यु हो गई जबकि उसकी पत्नी, बेटी घायल हो गई थी।
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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
एसएसपी ने किया दुर्घटनास्थल का मुआयना
हादसे की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी सतपाल अंतिल भी टीम के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने थाना प्रभारी मोहित चौधरी से पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने यह भी देखा कि हादसे रोकने के लिए क्या किया जा सकता है।
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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
दिल्ली जाने के लिए बैंक मैनेजर, इंजीनियर व अकाउंटेंट ने बुक कराई थी सीटें
बिना किसी दफ्तर, वैध पंजीकरण और जवाबदेही के चल रहा कार-शेयरिंग एप ब्ला-ब्ला लोगों की जान पर भारी पड़ गया। सोमवार सुबह मुरादाबाद के मूंडापांडे में हुए भीषण हादसे ने चार परिवारों को उजाड़ दिया। जिस एप को लोग सस्ती और आसान यात्रा का जरिया समझ रहे थे वही उनके लिए मौत का कारण बन गया। आरटीओ रोड निवासी यशदीप पांडे (30) नोएडा में योगा टीचर हैं।
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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
इनके पास टियागो कार है। रविवार को उन्होंने अपनी कार को ब्ला-ब्ला एप पर रजिस्टर किया और दिल्ली जाने के लिए चार सीटों का ऑफर किया। इस एप का इस्तेमाल करते हुए अमरावती कॉलोनी निवासी दिल्ली में तैनात नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत (59), कुसुमखेड़ा के भुवन भंडारी (35), आरटीओ रोड निवासी सुंदर सिंह (42) और अनिल नेगी ने दिल्ली के लिए सीटें बुक कराईं।

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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
सुबह साढ़े चार बजे चालक यशदीप चारों को अलग-अलग जगह से लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ। मुरादाबाद में उसकी कार ईंट लदी ट्रॉली से जा टकराई। हादसे में दयाल, भुवन और सुंदर की मौके पर मौत हो गई जबकि अनिल ने अस्पताल में दम तोड़ा। यशदीप जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
ई-मेल पर भेजा नोटिस, नहीं मिला जवाब
ब्ला-ब्ला दुनिया का सबसे बड़ा लंबी दूरी का कारपूलिंग प्लेटफॉर्म है। यह उन ड्राइवरों को यात्रियों से जोड़ता है जो एक ही दिशा में जा रहे हैं ताकि वे यात्रा की लागत साझा कर सकें।ये टैक्सी सेवा नहीं है। शहर में समय-समय पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि ब्ला-ब्ला एप की वजह से उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है और उन्हें सवारी नहीं मिल रही है। इसके बाद परिवहन विभाग ने ब्ला-ब्ला एप पर शिकंजा कसने के लिए 22 फरवरी 2025 को एप की ईमेल आईडी पर नोटिस भेजा था लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
एप को भारत में प्रतिबंधित करने के लिए भेजा पत्र
ब्ला-ब्ला एप के लिए देहरादून में परिवहन विभाग के कमिश्नर ने कमेटी बनाई थी। कमेटी सदस्य देहरादून के आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि कमेटी ने इस एप को भारत में प्रतिबंधित करने के लिए तैयारी की है। परिवहन आयुक्त के जरिये केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही आईटी मंत्रालय को भी पत्र भेजा गया है।

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मुरादाबाद हादसे में हल्द्वानी निवासी चार लोगों की जान गई - फोटो : संवाद
मुरादाबाद हादसे में जान गंवाने वाले दयाल सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद गांव में ही रहने की थी इच्छा
रविवार तक जो व्यक्ति अपने रिटायरमेंट के बाद गांव में बसने के सपने संजो रहा था, सोमवार को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार और गांव को शोक में डुबो दिया। नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत की मुरादाबाद में हुए हादसे में मौत हो गई। अभी चौबीस घंटे पहले तक वे गांव में रिश्तेदारों के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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कार के उड़े परखच्चे - फोटो : संवाद
सरियाताल में अति साधारण कृषक स्व कुंवर सिंह के पुत्र दयाल रावत ने अपनी मेहनत लगन से नैनीताल बैंक में रीजनल मैनेजर तक का सफर तय किया। वह रविवार को गांव में एक नामकरण संस्कार में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद गांव में रहने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि शहर में न मन लगता है और ना अच्छा लगता है। रिटायरमेंट के बाद गांव में ही रहूंगा। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि उनकी मौत की खबर आ गई जिसे सुनकर उनके परिवार में कोहराम मच गया।

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घायल कार चालक - फोटो : संवाद
उनके भतीजे ग्राम प्रधान हरगोविंद रावत ने बताया कि परिवार के लोग शव लेने के लिए मुरादाबाद चले गए हैं। उनका पार्थिव शरीर देर रात्रि तक पैतृक गांव सरियाताल पहुंचेगा। कल मंगलवार को चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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मुरादाबाद में हल्द्वानी निवासी की गई जान - फोटो : संवाद
हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी कार, नैनीताल बैंक के आरएम समेत चार की मौत
मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मनकरा मोड़ के पास सोमवार सुबह करीब 6.15 बजे तेज रफ्तार कार अचानक आगे आई ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। इस हादसे में नैनीताल बैंक के दिल्ली रीजन के मैनेजर (आरएम) दयाल सिंह रावत (59), निजी कंपनी के इंजीनियर भुवन भंडारी (35), निजी कंपनी के सीनियर एकाउंटेंट सुंदर सिंह (42) और अनिल नेगी की मौत हो गई। कार चला रहे योगा टीचर यशदीप पांडे (30) की हालत गंभीर है। हादसे की चपेट में आए सभी लोग हल्द्वानी के रहने वाले थे। सभी नोएडा में नौकरी करते थे। 

यशदीप की कार में अन्य चार लोग यात्री के रूप में ब्ला-ब्ला एप से बुकिंग करके सवार हुए थे। हादसा होते ही चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर भाग गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पहली नजर में हादसे का कारण मनकरा मोड़ के वाहनों का लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर सीधा प्रवेश और अधिक रफ्तार को माना गया है। मनकरा मोड़ से हाईवे पर चढ़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक रामपुर की ओर से आ रही कार के आगे आ गई। तेज रफ्तार के कारण कार को तत्काल रोका नहीं जा सका। ट्रॉली के पिछले हिस्से में घुसकर कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। 

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हादसे के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
एसपी के मुताबिक हल्द्वानी में आरटीओ ऑफिस के करीब रहने वाले यशदीप पांडे नोएडा में निजी स्कूल में योगा टीचर हैं। सोमवार की सुबह यशदीप ड्यूटी के लिए नोएडा जा रहे थे। उन्होंने ब्ला-ब्ला एप पर अपनी टियागो कार की डिटेल शेयर की थी। इसके बाद चार सवारियों के रूप में हल्द्वानी की अमरावती कॉलोनी निवासी दयाल सिंह रावत, हल्द्वानी में ही कुसुमखेड़ा निवासी भुवन भंडारी और इसी क्षेत्र के लालपुर नायक आनंदपुरम कॉलोनी के सुंदर सिंह और अनिल नेगी ने सीटें बुक की थीं। 

सोमवार की सुबह करीब 4.30 बजे यशदीप चारों लोगों को अपनी कार में बैठाकर नोएडा के लिए रवाना हुए और पौने दो घंटे बाद करीब 6.15 बजे मूंढापांडे थाना क्षेत्र में मनकरा मोड़ के पास हाईवे पर हादसा हो गया। तेज टक्कर के कारण कार के परखच्चे उड़ गए। आसपास के ढाबों से लोग मदद को आगे बढ़े और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार से मशक्कत के बाद पांचों को निकाला और मूंढापांडे के सरकारी अस्पताल भेजा। यशदीप को छोड़ अन्य चारों को मृत घोषित कर दिया गया। गंभीर घायल यशदीप का उपचार चल रहा है।

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गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन सूचना मिलते ही हल्द्वानी से मुरादाबाद पहुंच गए। उन्होंने बताया कि दयाल सिंह रावत नैनीताल बैंक में रीजनल मैनेजर के पद पर तैनात थे। इन दिनों उनकी ड्यूटी नोएडा में चल रही थी। परिवार हल्द्वानी में रहता है, जबकि मूलरूप से वह नैनीताल में तल्लीताल के अपर माल वार्ड मोविला कंपाउंड निवासी थे। भुवन भंडारी मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर थाना क्षेत्र के भंवटी के निवासी थे। अब उनका परिवार भी हल्द्वानी में रहता है। भुवन भंडारी नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनी में इंजीनियर और सुंदर सिंह हीट्रेक्ट कंपनी में सीनियर एकाउंटेंट थे। एसपी ने बताया कि ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है।

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घटनास्थ्ल पर पहुंचे एसएसपी सतपाल अंतिल - फोटो : संवाद
अचानक ट्रैक्टर ट्रॉली आ गई और आंखों के सामने अंधेरा छा गया
जिला अस्पताल में भर्ती यशदीप ने बयां की हादसे की कहानी मुरादाबाद। जिला अस्पताल में भर्ती कार चालक योगा टीचर यशदीप ने हादसे की कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि हाईवे पर उस वक्त ज्यादा वाहन नहीं चल रहे थे। मैं गाड़ी चला रहा था और बराबर वाली सीट पर दयाल सिंह रावत बैठे थे जबकि पिछले सीट पर सुंदर सिंह, अनिल नेगी और भुवन भंडारी बैठै थे। मनकरा मोड़ के पास कार पहुंची थी कि अचानक कट से एक ट्रैक्टर ट्रॉली तेजी से हाईवे पर चढ़ गई। उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया और कार ट्रैक्टर ट्रॉली में पीछे से घुस गई। इसके बाद होश नहीं रहा। होश आया तो खुद को जिला अस्पताल में पाया है। 

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मुरादाबाद में हादसे में हल्द्वानी निवासियों की जान गई - फोटो : संवाद
घर से निकलते समय पत्नी से बोले थे सुंदर, नोएडा पहुंचकर करुंगा कॉल
मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में सोमवार सुबह हादसे में जान गंवाने वाले सुंदर सिंह का परिवार हल्द्वानी आनंदपुरम कॉलोनी में रहता है। सुंदर सिंह नोएडा की हिट्रेस कंपनी में सीनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। परिवार में पत्नी शोभा महर और 15 वर्षीय बेटा गर्वित महर है। गर्वित हल्द्वानी के दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता है। पत्नी ने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे घर से निकलते समय उनके पति ने कहा कि वह नोएडा पहुंचकर कॉल करेगा। इसके बाद पत्नी और बेटा सो गए थे। सुबह एक कॉल आई। जिसने पूरे परिवार को गम में डूबो दिया।

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हल्द्वानी निवासियों की जान गई - फोटो : संवाद
साले की शादी में शामिल होने के बाद लौट रहे थे भुवन
मुरादाबाद हादसे में जान गंवाने वाले भुवन भंडारी मूलरूप से अल्मोड़ा के सोमेश्वर थाना क्षेत्र के भंवटी निवासी थे। वह नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनी में इंजीनियर थे। उनके परिवार में पत्नी पूजा और पांच साल का बेटा मानस है। पूजा का मायका हल्द्वानी में कुसुमखेड़ा में है। पूजा अपने बेटे मानस के साथ कुसुमखेड़ा में ही रहती है। भुवन नोएडा में सेक्टर 62 में रहते थे। 10 मार्च को भुवन के साले रोहित की शादी थी। भुवन शादी में शामिल होने आए थे। रोहित के पिता हरीश ने बताया कि शादी में उनके दामाद बहुत खुश थे और परिवार के साथ डांस भी किया था। सोमवार को उन्हें ड्यूटी पर जाना था। परिवार के लोगों ने उनसे कहा कि वह अभी और रुक जाएं और छुट्टी बढ़ा लें लेकिन वह नहीं माने और उन्होंने ब्ला ब्ला के जरिए सीट बुक कर दी और सोमवार की सुबह चार बजे के आस पास घर से निकल गए थे। इसके बाद फोन के जरिए सूचना मिली कि हादसे में उनके दामाद की मृत्यु हो गई है।
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मुरादाबाद में बड़ा सड़क हादसा - फोटो : संवाद
फट गए थे सिर, हाथ पैर की हड्डियां भी टूटीं
मुरादाबाद मूंढापांडे थाने की पुलिस ने सोमवार को दयाल सिंह रावत, भुवन भंडारी और सुंदर सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि तीनों के सिर फट गए थे और हाथ पैर की हड्डियां भी टूट गई थीं। सोमवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन तीनों के शव हल्द्वानी ले गए। अनिल नेगी के परिजन सोमवार की शाम मुरादाबाद पहुंचे जिस कारण उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उधर, सोमवार को सुंदर सिंह की पत्नी शोभा की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

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