राज्य को सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। इन 23 वर्षों में प्रदेश (Uttarakhand Foundation Day) में सरकार से लेकर आम लोगों की कवायद के सकारात्मक परिणाम भी आए हैं। यही वजह है कि जहां पहले लोगों को अपने घर पहुंचने के लिए कोसों पैदल चलना पड़ता था अब गांव तक सड़क होने से वाहन के जरिये पल भर में घर पर होते हैं। हालांकि लाख कमियों के बावजूद प्रदेश में शिक्षा का स्तर भी सुधरा है। हालांकि, अभी इस दिशा में बहुत कुछ किया शेष है। उम्मीद है कि इन कॉलेजों में उन्हें शिक्षकों समेत अन्य सभी सुविधाएं मिलेंगी।
ऊधमसिंह नगर
- ऊधमसिंह नगर जिले में 90 कंपनियां 2210 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहीं हैं। इससे प्रत्यक्ष रूप से तीन हजार और अप्रत्यक्ष रूप से 5000 से भी अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जिला उद्योग केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2023-24 में 60 नई कंपनियां स्थापित होंगी, जबकि 30 कंपनियों का विस्तार किया जाएगा।
- उत्तराखंड बनने के बाद उद्यमियों ने यहां 1968 करोड़ रुपये का निवेश कर 9631 छोटे व बड़े उद्योग स्थापित किए हैं। जिले में सिडकुल व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अब तक 73629 लोगों को रोजगार मिला है। हालांकि इसमें प्रदेश से बाहर यूपी, बिहार व अन्य राज्यों के लोग भी शामिल हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से अभी तक 2963 उद्योग लगाने के लिए मंजूरी भी मिल गई है। आईआईएम बना काशीपुर की पहचान