बचपन में जिस घर के आंगन में क्रिकेट खेलना सीखा था, बुधवार को दो दशक बाद टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उस घर में पहुंच कर आंगन रूपी पिच को नमन किया।
धोनी निजी कार्यक्रम के तहत जैंती तहसील मुख्यालय से 10 किमी दूर स्थित अपने पैतृक गांव ल्वाली पहुंचे। गांव की इसी पुश्तैनी घर के आंगन में धोनी ने बचपन में क्रिकेट खेलना सीखा था। घर का आंगन ही उनके लिए क्रिकेट की पिच थी। वह गांव के बच्चों के साथ कपड़े के गेंद से क्रिकेट खेलते थे। बुधवार को 20 साल बाद धोनी अपने पुश्तैनी घर पहुंचे तो उन्हें बचपन की याद ताजा हो आई।