उत्तराखंड के चमोली जनपद में सात पर्वतों के बीच बसा गुरुद्वारा अद्भुत है। सिखों का प्रमुख तीर्थ हेमकुंड साहिब और पवित्र सरोवर लाखों सिख तीर्थयात्रियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह पवित्र स्थान छह माह तक हिमाच्छादित रहता है। मान्यता है कि इसी स्थान पर सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने तपस्या की थी। यहां प्रत्येक वर्ष ग्रीष्मकाल में देश-विदेश के सिख तीर्थयात्री मत्था टेकने पहुंचते हैं।
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तस्वीरों में देखिए, सात पर्वतों के बीच बसा अद्भुत गुरुद्वारा
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hemkund sahib gurudwara in uttarakhand
हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे के समीप ही पवित्र सरोवर और लक्ष्मण मंदिर स्थित है। हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा 19 किमी पैदल सुरम्य बुग्यालों और पर्वत श्रृंखलाओं के बीच से होते हुए गुजरती है। पांच किमी तक पैदल रास्ता बर्फ से ढके बुग्याल से होकर गुजरता है। हेमकुंड की तीर्थयात्रा आस्था के साथ ही साहसिक पर्यटन का एहसास भी कराती है।
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हेमकुंड साहेब पहुंचने के लिए रेल मार्ग तक ऋषिकेश और यहां से वाहन से 290 किमी दूर गोविंदघाट है। वहां से 19 किमी की पैदल दूरी तय कर पवित्र हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण लोकपाल मंदिर पहुंचा जा सकता है। यात्रा मार्ग पर गोविंदघाट से 13 किमी की दूर घांघरिया नामक स्थान स्थित है। हेमकुंड के दर्शन कर तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए यहीं पहुंचते हैं। यहां अक्सर मौसम भी अत्यधिक ठंडा रहता है। दिल्ली से गोविंदघाट तक बस से भी आया जा सकता है। दिल्ली से गोविंदघाट की दूरी 513 किमी है।
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हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग से ही विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी जाने का रास्ता भी है। घांघरिया से विश्व धरोहर फूलों की घाटी के लिए पैदल मार्ग है। हेमकुंड साहिब के कपाटोद्घाटन के साथ ही फूलों की घाटी भी पर्यटकों के लिए खुल जाती है। इस बार हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे, जबकि फूलों की घाटी एक जून से खुल जाएगी। हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे के समीप ही लोकपाल मंदिर है। इसे लक्ष्मण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस स्थान पर लक्ष्मण ने शेषनाग के रूप में तपस्या की थी। यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर में भ्यूंडार गांव के ग्रामीण पूजा-अर्चना करते हैं।
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यात्रा संबंधित जानकारी के लिए यहां संपर्क करें: ऋषिकेश गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी-7500241970, 71 और 72, जोशीमठ गुरुद्वारा-7500241976, गोविंदघाट गुरुद्वारा कमेटी- 7579041090, वेबसाइट- डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट गुरुद्वाराश्री हेमकुंड साहिब डॉट कॉम।
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सिख श्रद्धालुओं को इस बार श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए 14 किमी की जगह 10 किमी ही पैदल चलना होगा। गोविंद घाट से आगे तक चार किमी सड़क और बनने से यात्रा की पैदल दूरी घट गई है। जो श्रद्धालु पैदल चलने में असमर्थ हैं उनके लिए खच्चर और डांडी कांडी की व्यवस्था की गई है। धाम में सभी बुनियादी सुविधाएं जुटा ली गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।
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श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक ने बताया कि लक्ष्मणझूला स्थित गुरुद्वारे में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुुओं के ठहरने की व्यवस्था है। यात्रा के दौरान गुरुद्वारा में 24 घंटे लंगर चलेगा। प्राथमिक उपचार के लिए दवा आदि की भी व्यवस्था रहेगी।
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पंजाब और अन्य प्रांतों से श्री हेमकुंड साहिब धाम की यात्रा के लिए लिए आने वाले श्रद्धालुओं के फोटोमीट्रिक पंजीकरण की व्यवस्था गुरुद्वारा परिसर में की जाएगी। रविवार को आधी रात के बाद मोबाइल वैन के माध्यम से फोटोमीट्रिक पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुताबिक इस बार गोविंद घाट से गोविंद धाम तक हवाई सेवा भी शुरू की गई है।